बैक्टीरिया मुक्त करने पानी टंकियों की अल्ट्रावायलेट रेडिएशन से हो रही सफाई, एजेंसी को दिया ठेका | Cleaning of water tanks with ultraviolet radiation to free bacteria, contract given to agency

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भिलाई4 घंटे पहले

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इस तरह पानी टंकी में केमिकल की कोटिंग की जा रही है। - Dainik Bhaskar

इस तरह पानी टंकी में केमिकल की कोटिंग की जा रही है।

शहर में डायरिया फैलने के बाद जब जांच हुई और पानी में ही बैक्टीरिया पाया गया तब निगम प्रशासन जागा और अब शहर के सभी पानी टंकियों को भी बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए साइंटिफिक तरीके से पानी टंकियों की सफाई करा रहा है। सफाई कर टंकियों की गंदगी और कचरा बाहर निकालने के बाद टंकी के अंदरूनी हिस्से को अल्ट्रावायलेट रेडिएशन से साफ कर रहे हैं।

सोडियम हाइपो क्लोराइड का भी उपयोग कर रहे हैं। ताकि टंकी के अंदर में कोई बैक्टीरिया हो तो वह खत्म हो जाए। नगर निगम भिलाई को हर 6 माह में पानी टंकियों की सफाई कराना होता है, लेकिन निगम ने सालभर से पानी टंकियों की सफाई नहीं करवाया था। शहर में डायरिया फैल गया था। 3 लोगों की मौत हुई और 500 से अधिक लोग बीमार हुए। मेडिकल जांच में पाया गया कि पानी में बैक्टीरिया है।

सालभर से नहीं हुई थी शहर के टंकियों की सफाई

दैनिक भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ कि शहर की टंकियों की सफाई भी साल भर नहीं कराई गई है। जनता के स्वास्थ्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को दैनिक भास्कर ने प्रमुखा से प्रकाशित किया। इसके बाद निगम प्रशासन की नींद टूटी और टंकियों की सफाई शुरू कराया। टंकियों की गंदगी निकालकर सामान्य रूप से सफाई कराने के बजाए टंकियों को बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए एक प्राइवेट एजेंसी को ठेका दिया है।

साल में दो बार होगी साइंटिफिक तरीके से सफाई

15 बड़ी पानी टंकियां शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हैं। 5 छोटी पानी टंकियां और हैं जिससे पानी आपूर्ति करते हैं 30 संपवेल हैं जिससे रोजाना 12 लाख लीटर सप्लाई करते हैं। 8 लाख रुपए में इन सभी टंकियों की सफाई का ठेका दिया गया है। 2 बार साल में मतलब हर 6 माह में दो बार साफ करना होगा।

पहली बार हो रही पानी टंकियों की ऐसी सफाई

नगर निगम भिलाई ने शहर की पानी टंकी की सफाई के लिए टेंडर निकाला था। निविदा वाले इस काम को बिलो रेट में एजेंसी ने ठेका लिया है। रायपुर की एक कंपनी को वर्क आॅर्डर दिया गया है। जो साल में दो बार सभी टंकियों की इसी तरीके से सफाई करेगी। टंकियों की सफाई काम चल रहा है। फिल्टर प्लांट के अधिकारियों ने बताया कि पहली बार शहर की टंकियों की सफाई इस तरह से की जा रही है। इससे पहले सिर्फ टंकी को खाली करते और अंदर के कचरे निकालते।

सक्शन यूनिट से बाहर निकाल रहे हैं कचरे

सबसे पहले टंकी से पानी को वाटर सक्शन युनिट से बाहर निकला जाता है। टंकी के चारों ओर की दीवारों को हाई प्रेशर रोटरी जेट मशीन से साफ करते हैं। मिट्टीयुक्त गंदे पानी एवं कचरे को इंडस्ट्रीयल सक्शन युनिट के माध्यम बाहर निकालते हैं। आंतरिक दीवारों व छत की सफाई इंडस्ट्रीयल वैक्यूम क्लीनर से की जाती है। टंकी में एंटी बैक्टीरियल एजेंट सोडियम हाइपो क्लोराइड का स्प्रे किया जाता है। अंत में अल्ट्रा वायलेट रेडिएशन से बैक्टीरिया मुक्त करते हैं।

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