
बिलासपुर4 घंटे पहले

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बिलासपुर जिले में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूलों में मकर संक्रांति के अवसर पर एक साथ 10 हजार विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार किया। सरस्वती शिशु मंदिर स्कूलों में सूर्य नमस्कार का सामूहिक यज्ञ अभियान शनिवार से शुरू किया गया। 23 जनवरी तक सभी स्कूलों में प्रतिदिन सूर्य नमस्कार किया जाएगा। छात्रों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ये नवाचार शुरू किया गया है।

विद्या भारती के संवाद प्रमुख संस्कार श्रीवास्तव ने बताया कि मकर संक्रांति से दुनिया को जगाने वाले सूर्य उत्तरायण हो गए। सुबह का समय संपूर्ण आसन वाले सूर्य नमस्कार का सबसे अच्छा वक्त माना जाता है। सरस्वती शिक्षा संस्थान मुख्यालय रायपुर के सचिव विवेक सक्सेना के निर्देश पर सरस्वती शिशु मंदिर तिलक नगर समेत बिलासपुर जिले के सभी स्कूलों में सूर्य महायज्ञ विधि-विधान के साथ शुरू हो गया। योगाचार्य शारदा पांडेय और पंडित गौरी शंकर मिश्रा ने विधिवत सूर्य मंत्र पढ़ते हुए बच्चों को सूर्य नमस्कार कराया। ओम मित्राय नम:, ओम रवये नम:, ओम सूर्याय नम:, ओम भानवे नम:, ओम खगाय नम:, ओम पूष्णे नम:, ओम हिरण्यगर्भाय नम:, ओम मरीचये नम: के उच्चारण के साथ सूर्य नमस्कार के 13 चक्र पूरे कराए गए।

पंडित गौरी शंकर मिश्रा ने कहा कि सूर्य नमस्कार सूर्योदय के समय किया जाए, तो सबसे उत्तम है। यह आसन सूर्य की ओर देखते हुए सुबह-सुबह खाली पेट करना चाहिए। इसकी वजह ये है कि सुबह के सूर्य के तेज से सकारात्मक ऊर्जा के साथ ही सेहत को अनेक फायदे मिलते हैं। सुबह का माहौल भी शांत और सौम्य होता है। इस वक्त इसे करने से तन और मन को ताजगी महसूस होती है। योगाचार्य शारदा पांडे ने कहा कि सूर्य नमस्कार कम से कम 5 बार करना चाहिए, लेकिन शुरुआत के समय अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार करें।

सचिव ने आदेश जारी किया
सरस्वती शिक्षा संस्थान रायपुर से सचिव विवेक सक्सेना ने इसे महत्वपूर्ण बताकर प्रदेश के सभी स्कूलों को आदेश की प्रति भेजा है। साथ ही सूर्य नमस्कार करते हुए रोजाना फोटो वीडियो रायपुर भेजना भी है। सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल प्रबंधक अभियान शुरू करने के लिए तैयारी में जुट गए हैं।

मार्च में है बोर्ड परीक्षा
छत्तीसगढ़ शिक्षा माध्यमिक मंडल ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की तारीखों की घोषणा कर दी है। मार्च में परीक्षा शुरू होगी। इससे पहले सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल संचालक द्वारा नवाचार अपनाया जा रहा है, ताकि सूर्य नमस्कार कर छात्र-छात्राएं शारीरिक व मानसिक रूप से पूरी तरह मजबूत हो जांए। शिक्षकों का दावा है कि परीक्षा आ रही है और सूर्य नमस्कार करने से ध्यान एकाग्र होता है। आध्यात्मिकता की तरफ झुकाव होता है। सूर्यदेव की तेजस्विता का प्रभाव बच्चों पर भी पड़ेगा
