
दुर्ग न्यूज़, 26 जनवरी। शराब और कोयला घोटाले को लेकर ईडी ने छत्तीसगढ़ एसीबी में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें 2 पूर्व मंत्री और विधायकों के नाम शामिल हैं। अब इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाया है। साथ ही बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

भूपेश बघेल ने कहा कि 3 साल से ईडी और आईटी जांच कर रही है और इस जांच के बाद अब ACB को उन्होंने कहा कि FIR करें। जब ईडी और आईटी जांच कर रही थी तब पूर्व मंत्रियों का नाम नहीं था, लेकिन आज अचानक ED के आवेदन पर ACB ने केस रजिस्टर किया है और सारे हमारे नेताओं का नाम लिखा गया है। ये सीधी-सीधी बात है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं को बदनाम करने का षडयंत्र कर बीजेपी की राज्य सरकार के द्वारा ACB को जांच करने का निर्देश दिया है, FIR किया है।
उन्होंने कहा यूडी मिंज का नाम आना ये बताता है कि मुख्यमंत्री कितने छोटे सोच के हैं। जबकि ईडी के किसी जांच में यूडी मिंज का नाम नहीं आया है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि यूडी मिंज का दोष इतना था कि वो विष्णुदेव साय के खिलाफ चुनाव लड़े। एसीबी जांच का आदेश मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर से होता है। मुख्यमंत्री काफी छोटी सोच के हैं। जब ईडी जांच कर रही, तब किसी नेता का नाम नहीं आया था। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इन्हें बदनाम किया जा सके।

छोटी सोच के लिए मुख्यमंत्री की निंदा करता हूं : भूपेश बघेल
बघेल ने कहा कि शराब में घोटाला हुआ था तब राज्य सरकार के कोष में हानि हुई थी। 2 साल से जांच हो रही है, लेकिन संपत्ति का प्रमाणीकरण नहीं कर पा रहे हैं। छोटी सोच के लिए मुख्यमंत्री की निंदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि हम इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। महादेव एप में हमने 90 से अधिक एफआईआर दर्ज कराए हैं।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह मंदिर उद्घाटन में नहीं गए, जो महादेव एप खेलते हैं वो मंदिर पहुंच गए। महादेव एप के मालिक सौरभ चंद्राकर की शादी में जो नाचने गए थे वो उद्घाटन में अतिथि बनकर मौजूद थे, जबकि किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री वहां मौजूद नहीं थे।
