समाज के सहयोग से उत्तरदायित्व का निर्वहन करने में सफल रहूंगा: सीएम विष्णुदेव साय

Share this

 

दुर्ग में केंद्रीय गोड़ महासभा धमधागढ़ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री 

 

आदिवासी लोकनायक बिरसा मुण्डा की प्रतिमा लगाने 25 लाख रूपए की घोषणा

 

गोड़वाना भवन दुर्ग में अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु 50 लाख की घोषणा

 

दुर्ग न्यूज़, 11 फरवरी। जिला मुख्यालय दुर्ग के सिविल लाइन स्थित कचना धुरवा देवालय परिसर में आज केंद्रीय गोड़ महासभा धमधागढ़ द्वारा मुख्यमंत्री,मंत्री एवं विधायकों का सम्मान तथा वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि थे। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, गजेंद्र यादव एवं ललित चंद्राकर तथा केंद्रीय गोड़ महासभा धमधागढ़ के अध्यक्ष एमडी ठाकुर, अन्य पदाधिकारी और समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। समारोह में गोड़ समाज द्वारा गौर सिंह मणित मुकुट पहनाकर और धनुष बाण भेंटकर पारम्परिक ढंग से सम्मान किया गया। समाज द्वारा मुख्यमंत्री को मोतीचूर लड्डुओं से भी तौला गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यअतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संक्षिप्त उदबोधन में कहा कि यह सम्मान आप सभी का सम्मान है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेशवासियों की सेवा के लिए जिस विश्वास के साथ जिम्मेदारी मुझे सौंपी है उस पर मैं समाज के सहयोग से उत्तरदायित्व का निर्वहन करने में सफल रहूंगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के गारंटी को क्रमशः पूरा करने जा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के गरीबों को प्रधानमंत्री योजना अंतर्गत 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। किसानों का विगत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 का धान बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए किसानों के खाते में अंतरण किया गया है। वन क्षेत्रों में रहने वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों से प्रति मानक बोरा 5 हजार 500 रूपए में खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी की गांरटी के मुताबिक सरकार महतारी वंदन योजना के तहत अगले माह से प्रत्येक हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रूपए देने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जनआस्था के अनुरूप विगत 22 जनवरी को अयोध्या में 5 सौ वर्षों उपरांत रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गयी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार शीघ्र ही रामलला दर्शन योजना लागू करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने गोड़ समाज के पदाधिकारियों की मांग पर गोड़वाना भवन दुर्ग में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 50 लाख रूपए और दुर्ग नगर के राजेंद्र पार्क चौक में आदिवासियों के लोक नायक बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगाने के लिए 25 लाख रूपए की घोषणा की।

READ MORE  CG के यात्रियों से भरी बस UP में पलटी ; 65 लोग वैष्णोदेवी दर्शन कर रहे लौट रहे थे, 3 की मौत, 40 घायल, सीएम विष्णुदेव साय ने जताया दु:ख

बिरसा मुंडा एक महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक सुधारक थे। वह झारखंड के बांगा गांव में जन्मे थे। उनकी शौर्यगाथाएं भारतीय इतिहास में अमिट चिह्न के रूप में प्रस्तुत हैं। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा की। उन्होंने आदिवासी जनजाति के लिए लड़ते हुए उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने आदिवासी संगठनों की स्थापना की और लोगों को जागरूक करने का काम किया। बिरसा मुंडा का जीवन एक प्रेरणास्रोत है, जो हमें दिखाता है कि एक संघर्षशील व्यक्ति किसी भी विपरीत परिस्थिति का मुकाबला कर सकता है। वे हमेशा याद रखे जाएंगे और उनकी महानता को सम्मान देना चाहिए। बिरसा मुंडा एक महान आदिवासी समाजसेवी, वीर और क्रांतिकारी थे। उनका जन्म गोंड आदिवासी परिवार में हुआ था और जब वह छोटे थे तो उनके परिवार की जमीन अंग्रेजों ने छीन ली थी। बिरसा ने इस अन्याय के खिलाफ लड़ने का निर्णय लिया और वह उठ खड़े हुए अपनी जनता की सेवा करने के लिए। बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के तानाशाही और उत्पीड़न से लोगों को मुक्त कराने के लिए अपनी लड़ाई शुरू की। उन्होंने लोगों को जागरूक किया, उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए उद्यमिता किया और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने का साहस दिया। उनकी आवाज ने आदिवासी समुदाय को गर्व और आत्मविश्वास दिया और उन्होंने अंग्रेजों को अपनी असली सत्ता दिखाई। बिरसा मुंडा का सबसे महत्वपूर्ण योगदान उनकी खोज है, जिससे उन्होंने आदिवासी समाज को संगठित किया। वह अपने लोगों के लिए अद्वितीय एकता और बलिदान का प्रतीक थे। आज भी उनकी साहसिकता और सेवा भावना हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज की उन्नति के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया।

READ MORE  डेटिंग फ्रॉड, आरोपी कपल को दुर्ग लेकर आई पुलिस, कैफे खोलने का बना रखा था प्लान

समारोह में शामिल होने के पूर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिविल लाईन चौक पर गोड़वाना की वीरांगना महारानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इसी प्रकार कार्यक्रम स्थल पर काली मंदिर में मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया।

Share this