


दुर्ग। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड-सेल के भिलाई स्टील प्लांट में आज फिर एक बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में बीएसपी प्रबंधन को काफी नुकसान हुआ है। दुनिया की सबसे लंबी रेल पटरी बनाने वाले यूनिवर्सल रेल मिल के स्टैंपिंग मशीन से उछलकर रेल पटरी बाहर निकल गई और जमीन से करीब 15 फीट की ऊंची केबिन पर जाकर फंस गई। इससे प्लांट में अफ़रा-तफ़री मच गई। बीएएसपी की दमकल टीम ने गर्म पटरी के कारण केबल में लगी आग को बुझाया।
हादसे के बाद यूआरएम विभाग के अधिकारियों ने सभी मशीने बंद कर दी। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ऑपरेटर केबिन के ऊपर फंसे रेल पटरी को टुकड़ों में काटकर बाहर निकाला गया। बता दें कि पहले भी यूनिवर्सल रेल मिल-यूआरएम में इस तरह की घटना हो चुकी है। टेबल से हटने की वजह से टेस्टिंग रूम तक रेल पटरी घुस चुकी है। उस वक्त भी कर्मचारी बाल-बाल बचे थे।

बताया जा रहा कि यदि स्टेपिंग मशीन से उछलकर गर्म लाल पटरी केबिन अंदर जाती तो जनहानि हो सकती थी, लेकिन इस बार टेबल से दहकती हुई रेल पटरी उछलते हुए केबिन की छत पर टिक गई। रोलिंग टेबल से बाहर निकलने की वजह से स्टैंपिंग मशीन के मोटर को भी नुकसान पहुंचा है। हाइड्रोलिक सिस्टम को चलाने वाले सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा है। रेल पटरी के राउंड टेबल से बाहर जाने की वजह से हाइड्रोलिक होज पाइप भी जल गई है। यूआरएम डिपार्टमेंट में फिलहाल रोलिंग बंद है। इससे वहां वायर सहित कई सामान में जल गए।
हादसे के बाद कर्मचारी वहां से भाग खड़े हुए। फायर ब्रिगेड को तुरंत घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रेल पटरी को ठंडा कर कटर से काटकर क्रेन के जरिए हटाया गया. इसके बाद ही स्टैंपिंग मशीन पर दोबारा काम शुरू होगा। बता दें कि दुनिया की सबसे लंबी रेल पटरी यूआरएम में बनती है। 130 मीटर की सिंगल पीस की रेल पटरी यूआरएम में ही बनती है। दूसरे नंबर पर 121 मीटर की जिंदल और तीसरे नंबर पर आस्ट्रिया 120 मीटर की रेल पटरी बनाता है।
