


दुर्ग न्यूज। प्रदेश में राज्य की भाजपा सरकार द्वारा बिजली की दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार कांग्रेस द्वारा जिला से ब्लॉक स्तर तक चरणबद्ध आंदोलन करने का फैसला किया गया है। जिसके अंतर्गत दुर्ग जिला के दुर्ग ग्रामीण एवं अहिवारा विधानसभा में 17 जुलाई और पाटन एवं धमधा ब्लॉक में 18 जुलाई को कांग्रेस द्वारा बिजली ऑफिस का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा दुर्ग जिला मुख्यालय के बिजली ऑफिस में 22 जुलाई को कांग्रेसियों द्वारा सामूहिक रूप से घेराव व प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई गई है।
यह बातें दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गया पटेल और भिलाई जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर की संयुक्त अगुवाई में मंगलवार को राजीव भवन दुर्ग (कांग्रेस भवन) में आयोजित प्रेसवार्ता में सार्वजनिक की गई। मीडिया से चर्चा में कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, गया पटेल व मुकेश चंद्राकर ने राज्य की भाजपा सरकार की जनविरोधी कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए संयुक्त रूप से कहा कि राज्य की भाजपा सरकार ने डेढ़ साल के भीतर पहले युक्तियुक्तकरण के जरिए शिक्षकों, स्कूलों को बंद कर विद्यार्थियों, नई शराब दुकानें खुलवाकर महिलाओं और डीएपी खाद व बीज उपलब्ध न करवाकर किसानों के साथ छल किया है। अब बिजली की दरों में भारी बढ़ोतरी कर उपभोक्ताओं को लूटने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया गया है। घरेलू बिजली की दर में 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट, गैर घरेलू बिजली की दर में 25 पैसे प्रति यूनिट और कृषि पंप के बिजली के दर में सर्वाधिक 50 पैसे प्रति यूनिट की दर से बढ़ोतरी की गई है। बिजली दरों की वृद्धि ने आसमान छूती महंगाई में उपभोक्ताओं की कमर तोड़ने वाली है। दरों में यह वृद्धि कर डबल इंजन की भाजपा सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को डबल आर्थिक करेंट दे दिया गया है। चर्चा में पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार को जनता और किसानों की परवाह नहीं है। इसलिए भाजपा सरकार द्वारा डेढ़ साल के कार्यकाल में तीन बार बिजली की दरों में वृद्धि की गई है। राज्य में लगभग 60 लाख उपभोक्ता है। बिजली दर वृद्धि का हर घर व दुकानदार पर असर पड़ेगा। श्री वोरा ने कहा कि कांग्रेस की पूर्व भूपेश बघेल सरकार ने उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ का लाभ दिया था, लेकिन इस जनकल्याणकारी योजना को राज्य की भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही बंद कर दिया था। भाजपा महतारी वंदन के नाम पर महिलाओं को 1 हजार रुपए दे रही है, लेकिन इस 1 हजार के बदले भाजपा सरकार अन्य आवश्यकताओं की रेट बढ़ाकर उपभोक्ताओं से 5 हजार रुपए वसूल कर रही है। भाजपा की यह नीति उपभोक्ताओं के जेब पर डाका है। दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार की हर नीति फेल है एक ओर जहां सोसायटियों से डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। राज्य की भाजपा सरकार में डीएपी खाद की कालाबाजारी हो रही है। पहले जो डीएपी खाद के एक बोरी से उत्पादन होता था। उसके लिए किसानों को अब नैनो एनपीके खाद की तीन बोरी का खर्च वहन करना पड़ेगा, जो किसान हित में बिल्कुल नहीं है। राज्य की भाजपा सरकार की मंशा है कि किसानों का धान उत्पादन 20 क्विंटल से कम हो तो धान खरीदी में राशि भुगतान कम करना पड़ेगा। दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गया पटेल ने कहा है कि उपभोक्ता व किसान भाजपा सरकार की छलावे को समझ चुकी है। अब वे उनके बहकावे में नहीं आने वाले है। प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री बीडी कुरैशी, प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजेन्द्र साहू, पूर्व महापौर शंकरलाल ताम्रकार, आरएन वर्मा, धीरज बाकलीवाल व अन्य नेता मौजूद रहे।

