

० हार के बाद TMC का हल्लाबोल, भाजपा बोली- विरोध प्रदर्शन से नहीं पड़ेगा कोई असर
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद राज्य की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। 15 वर्षों तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणामों के बाद टीएमसी लगातार मतगणना में धांधली के आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है।

इसी कड़ी में मंगलवार को टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। रानी रासमणि एवेन्यू पहुंचीं ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव की 294 में से 177 सीटों पर मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी कर जीत हासिल की है।
‘अनुमति नहीं मिली, फिर भी जारी रहेगा आंदोलन’
धरना स्थल पर ममता बनर्जी ने कहा कि कोलकाता पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने में देरी की, लेकिन इससे उनका विरोध नहीं रुकेगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि जनता के जनादेश के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कल्याण बनर्जी ने पुलिस प्रशासन को दी नसीहत
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी धरने को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में और बड़े आंदोलन किए जाएंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को संविधान और कानून के अनुसार निष्पक्षता से काम करने की सलाह देते हुए कहा कि उनका वेतन जनता के टैक्स से मिलता है, इसलिए उन्हें किसी राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए।
भाजपा ने किया पलटवार
दूसरी ओर भाजपा ने टीएमसी के आरोपों को राजनीतिक निराशा का परिणाम बताया है। भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव में जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और टीएमसी अब हार को स्वीकार करने के बजाय बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध-प्रदर्शन और आरोपों से भाजपा सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सोनारपुर हिंसा समेत कई मुद्दों पर TMC का विरोध
टीएमसी नेताओं का कहना है कि सोनारपुर में पार्टी नेताओं के साथ हुई कथित मारपीट और अन्य घटनाओं के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि सत्ता परिवर्तन के बाद उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
आंबेडकर को श्रद्धांजलि देकर शुरू किया आंदोलन
धरना शुरू करने से पहले ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं के साथ भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वे हाथ में संविधान की प्रति लेकर पहुंचीं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
