NEET री-एग्जाम के लिए हाई सिक्योरिटी प्लान: छत्तीसगढ़ में पहली बार एयरफोर्स विमान से पहुंचेंगे प्रश्न-पत्र 

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के परीक्षा इतिहास में पहली बार किसी प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र भारतीय वायुसेना के विशेष सैन्य विमानों के जरिए पहुंचाए जाएंगे। 21 जून को आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 री-एग्जाम के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। परीक्षा प्रश्नपत्रों को सुरक्षित और गोपनीय तरीके से रायपुर तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक परिवहन विमानों का उपयोग किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, प्रश्नपत्रों को C-17 Globemaster और C-130J Super Hercules जैसे सैन्य परिवहन विमानों से रायपुर एयरपोर्ट लाया जाएगा। एयरपोर्ट पर बेहद गोपनीय प्रक्रिया के तहत प्रश्नपत्रों को उतारने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।

गोपनीयता बनाए रखने के लिए होगी मॉक ड्रिल

पूरे अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य सचिव विकास शील ने रायपुर जिला प्रशासन को प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन और वितरण की प्रक्रिया की मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एयरपोर्ट से स्ट्रॉन्ग रूम और वहां से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता में किसी प्रकार की चूक न हो।

देश में पहली बार परीक्षा के लिए वायुसेना की मदद

यह पहली बार है जब किसी सिविलियन प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना की लॉजिस्टिक क्षमता का उपयोग किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर तैयार की गई इस व्यवस्था के तहत वायुसेना के विमान चुनिंदा राज्यों के प्रमुख एयरपोर्ट तक प्रश्नपत्र पहुंचाएंगे। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारों की सुरक्षा एजेंसियां और जिला प्रशासन उन्हें कड़ी सुरक्षा में आगे भेजेंगे।

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पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

मई 2026 में सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार और एनटीए री-एग्जाम को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं। पारंपरिक डाक व्यवस्था के स्थान पर इस बार सैन्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि प्रश्नपत्रों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना को समाप्त किया जा सके।

मौसम की चुनौती भी बनी वजह

जून महीने में देश के कई हिस्सों में मानसून और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए भी वायुसेना के विमानों को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प माना गया है। कम समय में लंबी दूरी तक सुरक्षित और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है।

21 जून को होने वाली NEET (UG) री-एग्जाम के लिए छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे।

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