

दुर्ग। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हनोदा (विकासखंड निकुम) में पदस्थ स्टाफ नर्स श्रीमती अनीता साहू द्वारा प्रसव कार्य के एवज में राशि लेने के मामले में कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई। शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर कदाचरण पाए जाने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित स्टाफ नर्स की आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। उक्त स्टाफ नर्स के खिलाफ प्रसव कार्य के लिए राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) जिला दुर्ग द्वारा जांच कराई गई, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके पश्चात सीएमएचओ दुर्ग ने विगत 2 जून को संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय को संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव के आधार पर संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं (रायपुर संभाग) द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 (चार) के तहत तत्काल प्रभाव से अनीता साहू की आगामी 2 वार्षिक वेतन वृद्धियों को असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया गया है।
कलेक्टर जनदर्शन में मिली शिकायत पर एक अन्य मामले में दुर्ग जिला अस्पताल की नर्स का भी रोकी इंक्रीमेंट

कलेक्टर अभिजीत सिंह के जनदर्शन में आम जनता की शिकायतों पर हो रही त्वरित कार्यवाही के तहत जिला चिकित्सालय दुर्ग में पदस्थ स्टाफ नर्स मोनिका पटेल को कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा दंडित किया गया है। पिछले दिनों पचरीपारा निवासी प्रसूता श्रीमती राखी यादव पति अजय कुमार यादव ने कलेक्टर जनदर्शन में स्टाफ नर्स की लापरवाही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री सिंह के निर्देशन में सीएमएचओ जिला दुर्ग द्वारा कराई गई जांच में स्टाफ नर्स दोषी पाई गईं। इस पर कार्यवाही करते हुवे संयुक्त संचालक द्वारा तत्काल प्रभाव से मोनिका पटेल की आगामी 2 वार्षिक वेतन वृद्धियों को असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ती (दंड) अधिरोपित किया गया है।
