


पहले दिन ‘सियान बिना ध्यान’,’गांव के अड़हा परिवार’ और ‘गरीब बाप के अनपढ़ बेटी’ का हुआ मंचन
राजनांदगांव, 15 फरवरी।आदिवासी लोककला अकादमी रायपुर, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की ओर से तीन दिवसीय नाचा समारोह की शुरुआत मंगलवार की शाम त्रिवेणी परिसर स्थित मंच पर हुई। दिग्विजय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ के एल तांडेकर और रजिस्ट्रार दीपक परगनिहा तथा नाचा प्रमुख तकेश ठाकुर,नरोत्तम साहू और मोहन साहू ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों के बीच तीन नाट्य प्रस्तुतियां हुई। इन तीनों प्रस्तुतियों में हंसी-ठिठोली के बीच गंभीर सामाजिक संदेश छिपा हुआ था, जिसे दर्शकों ने बेहद सराहा।

शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय एवं नगर निगम राजनांदगांव के सहयोग से आयोजित इस समारोह की शुरुआत में आदिवासी लोक कला अकादमी के अध्यक्ष नवल शुक्ल ने स्वागत भाषण में आयोजन पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि अकादमी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्रमुख लोकप्रिय विधा नाचा की प्रस्तुतियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना हमारा उद्देश्य है।
जय रानी मां अजय माला नाचा परिवार ग्राम भरीटोला कसावहीं चारामा उत्तर बस्तर कांकेर ने यहां भाई-भाई में होने वाले बंटवारे पर आधारित ‘सियान बिना ध्यान’ की मंचीय प्रस्तुति दी। नाचा परिवार के प्रमुख तकेश ठाकुर ने बताया कि उनका उद्देश्य प्रहसन के माध्यम से सामाजिक विषमताओं पर चोट करना है। इस नाटक में परिवार के टूटने की परिस्थिति और इस सामाजिक बुराई का समाधान दिखाने का प्रयास किया गया। इस नाट्य मंचन में मैनेजर व बैंजो वादक तकेश ठाकुर थे।
जय मां चंडी छत्तीसगढ़ नाचा पार्टी ग्राम बिरकोनी गोपालपुर जिला महासमुंद ने गम्मत के माध्यम से जन जागरण के उद्देश्य से यहां ‘गांव के अड़हा परिवार’ की हंसी-मजाक से भरपूर प्रस्तुति दी। इसमें ग्रामीण जनजीवन की झलक के साथ सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करने पर जोर था। कलाकारों ने अपनी-अपनी जवाबदारी का बखूबी निर्वहन किया और दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
शीत बसंत नाचा पार्टी करमतरा खैरागढ़ ने गम्मत ‘गरीब बाप के अनपढ़ बेटी’ की शानदार प्रस्तुति दी। जिसमें गरीब की बेटी के सरपंच की बहू बनने के बाद सामाजिक विषमता, दहेज व नशा व्यसन जैसी बुराईयों को मंच पर प्रस्तुत किया गया।
देर रात तक चले इस आयोजन में रिटायर डिप्टी कलेक्टर राकेश इंदुभूषण ठाकुर, पूर्व लोकपाल अमरेंदु हाजरा और शिवनाथ मैत्रीय समिति के अध्यक्ष डॉ. डीसी जैन सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कल श्याम सुरवानी इंदामरा राजनांदगांव, रामसिंह साहू सूरजपुरा कवर्धा और परमेश्वर साहू मोहदी राजनांदगांव की प्रस्तुति होगी। अंतिम दिन 16 फरवरी की शाम ध्रुव कुमार साहू पचपेड़ी धमतरी, डोमार सिंह कुंवर लाटाबोड़ बालोद और गोवर्धन यादव पुरदा करेली दुर्ग की मंचीय प्रस्तुतियां होंगी।
