ढेबर ब्रदर्स, IAS टूटेजा पर ED का घेरा, गैंगस्टर शराब कारोबारी और ठेकेदारों के ठिकानों पर भी पहुंची है ED, रायपुर-भिलाई-दुर्ग में जारी है जांच

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दुर्ग न्यूज डेस्क, 29 मार्च। अवैध कोल परिवहन लेवी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई दूसरे दिन भी राजधानी रायपुर, दुर्ग और भिलाई में जारी है। आज ईडी की टीम ने IAS अधिकारी, गैंगस्टर, शराब कारोबारी और ठेकेदारों के यहां दबिश दी है।
आपको बता दें कि ED की टीम ने आज राजधानी रायपुर में IAS अनिल टुटेजा, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर, अनवर ढेबर, शराब कारोबारी अमोलक सिंह भाटिया, पप्पू भाटिया, मनदीप चावला, विनोद सिंह, दुर्ग में गैंगस्टर विनोद बिहारी, भिलाई में पप्पू बंसल के आलावा एक उद्योगपति के भी ठिकानों पर कार्रवाई की है।
बताया जा रहा है कि सुबह-सुबह सीआरपीएफ के जवानों के साथ ही ईडी की टीम सभी के ठिकानों पर पहुंच गई। फिलहाल अभी कार्रवाई जारी है। इससे पहले कल ईडी की टीम ने उद्योगपति कमल सारडा के आवास और दफ्तर के आलावा महासमुंद से कांग्रेस विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर, सीए प्रतीक जैन, मंदिर हसौद वाले जमीन दलाल सुरेश बांदे के ठिकाने पर पहुंची है। इनके आलावा कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के ठिकानों पर भी कार्रवाई जारी है।
गौरतलब हो कि महापौर एजाज़ ढेबर, उनके भाई अनवर ढेबर और आईएएस अनिल टूटेजा के यहां ईडी ने चार वर्षों में दूसरी बार छापेमारी की है हालांकि बीच-बीच में कई बार इन सभी को समन कर पुछताछ के लिए रायपुर, दिल्ली बुलाया जाता रहा है। इससे पहले बीते वर्ष आय कर ने भी दबिश दी थी। बताया जा रहा है कि इस बार ढेबर भाइयों के शराब कारोबार को लेकर दबिश दी गई है। इन्होंने कोरोना काल में, आरडीए के एक पूर्व अधिकारी के साथ मिलकर शराब कारोबार किया था। इसी तरह से आईएएस अनिल टूटेजा के यहां भी ईडी ने दूसरी बार छापेमारी की है। इससे पहले 2019-20 में रेड हो चुकी है। वे इस समय संचालक उद्योग विभाग हैं, और सरकार के प्रमुख रणनीतिकारों में एक हैं। ईडी ने अपर संचालक प्रवीण शुक्ला के यहां जांच की थी। वहां मिले इनपुट के बाद आज टूटेजा को पुनः घेरा गया है। टूटेजा का भाजपा शासन में हुए नान घोटाले में भी नाम आया और निलंबित भी किए गए थे। कांग्रेस सरकार गठन के बाद उन्हें बहाल किया गया। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अगली पेशी 5 अप्रैल को सीजेआई की होनी है।

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