दुर्गएक घंटा पहले
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हड़ताल पर बैठे जिले के संविदा कर्मचारी
जिले के शासकीय विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारी आज अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतरे। उन्होंने दुर्ग कलेक्टोरेट के पास धरना प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि चुनाव के समय कांग्रेस ने उनके नियमिती करण का वादा किया था, लेकिन जीतने के बाद वो अपना वादा भूल चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो आगे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
कर्मचारी संघ के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष वीएस राव ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ा ही दुर्भाग्य की बात है कि वो उन्हें सड़क पर बैठना पड़ रहा है। वो लोग अलग-अलग शासकीय विभागों में 15-20 सालों से काम कर रहे हैं। पूरे राज्य में सवा लाख कर्माचरी संविदा में काम कर रहे हैं। इसमें 15,650 कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं।
इन लोगों ने कोरोना काल में अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर काम किया है। उसके बाद भी उनका नियमितिकरण नहीं किया जा रहा है। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा। उन्होंने कहा कांग्रेस ने चुनाव के समय उनसे वादा किया था कि यदि उनकी सरकार प्रदेश में आई तो वो उन्हें नियमित कर देंगे, लेकिन सत्ता पाने के बाद वो उस वादे को भूल चुकी है।

हड़ताल के दौरान की नियमिती करण की मांग
दूसरे राज्यों में नियमित किए जा चुके हैं संविदा कर्मी
वीएस राव का कहना है कि दूसरे राज्यों में संविदा कर्मचारियों की मांग को पूरा करके वहां की सरकार ने उन्हें नियमित कर दिया है। उनकी केवल एक ही मांग है और वो है नियमिती करण की। हमारे कर्मचारी कई सालों सरकार की सेवा कर रहे हैं। आज उनकी उम्र 30 से 40 साल की हो गई है। इस उम्र में वो दूसरी जगह नौकरी के लिए दूसरी जगह अप्लाई भी नहीं कर सकते हैं। वो कई सालों से सरकारी विभाग में मात्र 10-15 हजार की नौकरी कर रहे हैं। उनके त्याग और समर्पण का फल सरकार को नियमितिकरण करके देना चाहिए।
20 जनवरी के बाद होगा उग्र आंदोलन
संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि वो लोग 20 जनवरी तक सरकार के निर्णय का इंतजार करेंगे। यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो अपनी केंद्रीय कमेटी के साथ बैठकर वार्ता करेंगे। इसके बाद वो लोग उग्र आंदोलन करेंगे।
