

दुर्ग न्यूज। अमलेश्वर सीधे ग्राम पंचायत से नगरपालिका बन गया है। यहां हो रहे तेजी से विकास को व्यवस्थित रूप देने और नागरिक सुविधाएं विकसित करने यह बहुत आवश्यक था। इसके लिए सरकार ने उक्त निर्णय लिया। अमलेश्वर के विकास के लिए राशि में किसी तरह की कमी नहीं होगी। पालिका अगले 20 साल की विकास योजना बनाएं ताकि शहर का व्यवस्थित रूप से विकास हो सके। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमलेश्वर नगरपालिका के 22 पदाधिकारियों को शपथ दिलाने के अवसर पर कही। उन्होंने 3 करोड़ 98 लाख के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पाटन और रायपुर में बीते दशकों से अब तक की सड़क कनेक्टिविटी के सफर को भी नागरिकों के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह छोटे थे बचपन में बैलगाड़ी से यहां आते थे और खारून में स्नान करते थे। पहले छोटी पुलिया बनी। फिर सड़कों का जाल बिछा और फिर पाटन से रायपुर के बीच बस चलने लगी। जनप्रतिनिधि के रूप में मैं हमेशा लोगों से कहता था कि अपनी जमीन मत बेचें। आपकी इस जमीन की कीमत तेजी से बढ़ेगी। आज क्षेत्र में तेजी से विकास होने की वजह से जमीन के दाम तेजी से बढ़े हैं। साथ ही इस दिशा में और भी संभावना है क्योंकि क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है। अमलेश्वर के बगल में ही सांकरा में उद्यानिकी विश्वविद्यालय तैयार हो रहा है। अधोसंरचना का काफी कार्य क्षेत्र में हुआ है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हम अपने तीर्थ स्थलों को भी संवार रहे हैं। राजिम में पुन्नी मेला ग्राउंड का विकास एवं अन्य सुविधा जुटा रहे हैं। गुरु घासीदास के जीवन से जुड़ी पुण्य भूमि में भी तीर्थ यात्रियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की सुविधा के लिए कार्य कर रही है उनकी मेहनत को उचित मूल्य मिल सके, इसके लिए हम प्रतिबद्ध है। इसके अलावा किसानों को धान बेचने में भी सुविधा हो। इसके लिए हमने ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था भी आरंभ की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अमलेश्वर नगर पालिका के पदाधिकारियों को कहा कि अमलेश्वर के विकास की बड़ी संभावनाए हैं इसके लिए सरकार मदद करेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अध्यक्ष सुश्री नंदिनी पठारे और उपाध्यक्ष श्री उमेश साहू समेत सभी पदाधिकारियों को नवीन जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

