
दुर्ग न्यूज। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग, के अंतर्गत टीवीसीसी विभाग द्वारा अध्यापन पशु चिकित्सालय (TVCC) पदमनाभपुर, महिला समृद्धि बाज़ार के समीप दुर्ग में विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर श्वानों का निःशुल्क एंटी रेबीज़ टीकाकरण एवं स्वास्थ जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 62 श्वानो का निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण एवं 83 जानवरों का निःशुल्क उपचार किया गया। अतिथि वक्ता डॉ.टीके मोहंती ने *प्रोस्पेक्ट आफ प्रेशियस लाइवस्टॉक फार्मिंग यूजिंग सेंसर एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस* पर अपना व्याख्यान दिया। विश्व पशु चिकित्सा दिवस (WVD) हर साल अप्रैल के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर के पशु चिकित्सकों के प्रयासों को मान्यता देने के लिए समर्पित है। यह जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य और कल्याण को बनाए रखने में पशु चिकित्सकों के महत्व को उजागर करने का एक अवसर है। विश्व पशु चिकित्सा दिवस का दुनिया भर में पशु कल्याण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक महत्व है। विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपने उद्बोधन में बताया कि पशु चिकित्सक पशु रोगों की रोकथाम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। वे सार्वजनिक और निजी पशु चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से मानव स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में भी काम करते हैं। पशु चिकित्सकों की मुख्य जिम्मेदारियों में से एक बीमारी के प्रकोप की तुरंत पहचान करना और उस पर प्रतिक्रिया देना है। ऐसा करके वे मनुष्यों और जानवरों दोनों पर अपना प्रभाव सीमित कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुल सचिव ने इस शिविर के सफल आयोजन हेतु आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। महाविद्यालय के अधिष्ठाता ने विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मूक जानवरों, पशु पक्षियों का इलाज एवं उनका रखरखाव का कार्य वेटरनरी के डॉक्टर करते हैं जो कि सराहनीय है। पशु चिकित्सा के विकास और उन्नति में पशु चिकित्सकों का आवश्यक योगदान है, जिसका मानव और पशु स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। क्लीनिक के डायरेक्टर ने बताया कि विश्व पशु चिकित्सा दिवस 2024 का थीम ‘पशुचिकित्सक आवश्यक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं’ विश्व पशु चिकित्सा दिवस पशु चिकित्सकों के योगदान को पहचानने, लोगों और जानवरों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए उनके काम को बढ़ावा देने का एक अवसर है। शिविर में उपस्थित छात्र-छात्राओं के लिए ऑन स्पॉट चित्रकला एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेताओं को पुरस्कार का वितरण किया गया ।

शिविर में कुलपति डा आरआरबी सिंह, कुलसचिव डाँ. आरके सोनवणे, अधिष्ठाता पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय डॉ.एसके तिवारी, निदेशक चिकित्सालय डा. एसके मैती, नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल से अतिथि वक्ता एवं प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ.टीके मोहंती, निदेशक वाइल्ड लाइफ डॉ.एसएल अली, निदेशक बायोटेक्नोलॉजी डॉ. एमके अवस्थी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.नीलू गुप्ता, अधिष्ठाता मात्स्यिकी महाविद्यालय कवर्धा डॉ. राजू शारदा, डॉ.ओसामा कलीम, डॉ. रुकमणि देवांगन, डॉ.जसमीत सिंह, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राओं, पशुचिकित्सको तथा पशुपालकों की उपस्थिति रही। शिविर को सफल बनाने में फार्मा कंपनियों का योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. हमेश रात्रे द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

