मकान के लिए अब नहीं लगेगा छग का मूल निवास प्रमाण पत्र | Chhattisgarh’s original residence certificate will no longer be required for the house

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राजनांदगांव32 मिनट पहले

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राजनांदगां. आवास के लिए गत दिनों काफी विवाद की स्थिति बनी थी। - Dainik Bhaskar

राजनांदगां. आवास के लिए गत दिनों काफी विवाद की स्थिति बनी थी।

निगम क्षेत्र में अब मकान के लिए आम लोगों को एक बड़ी राहत दी जा रही है। नियमों में कुछ परिवर्तन किए गए हैं, जिससे कुछ अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। खासकर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी प्रमाण पत्र की अनिवार्यता का प्रमाण पत्र अब आवेदकों को नहीं देना होगा। हाल ही में मकानों में कब्जे को लेकर काफी विवाद की स्थिति बनी थी। इसके बाद राज्य शासन ने कुछ परिवर्तन किया है। अब देखना यह है कि आगे इस प्रक्रिया में कितनों को लाभ मिल पाता है।

छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील योजना मोर मकान मोर आस के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्रांतर्गत वर्षों से किराएदारों के रूप में निवासरत परिवारों को मात्र आवास के लागत मूल्य पर आवास प्रदान करने इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण-पत्र या इसे संबंधित किसी प्रकार के कोई भी दस्तावेजों की अनिवार्यतः को स्थिरता प्रदान कर दी गई है। दस्तावेज की अनिवार्यता को शासन द्वारा समाप्त किया जा रहा है।

31 अगस्त 2015 के पूर्व से निवासरत होंगे पात्र
आवेदक नगर निगम के प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यालय से संपर्क कर नियमों के तहत अपने आवेदन प्रस्तुत कर योजना का लाभ ले सकते हैं। आवेदक 31 अगस्त 2015 के पूर्व से निकाय क्षेत्र का रहवासी हो, आवेदक के पूरे परिवार की समस्त स्रोत से आय 3 लाख रुपए सालाना से कम हो। शपथ पत्र देना होगा।

योजना के अधिकारी लगातार बैंकों से संपर्क बनाए हैं

योजना के संबंध में आयुक्त डॉ.आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि गरीब व जरूरतमंद परिवार जो वर्षों से परिस्थितियों की मार सहते हुए गरीबी के कारण मजबूरी से किसी न किसी के घर में किराए के घर में निवास करते थे। ऐसे जरूरतमंद परिवारों को मात्र लागत मूल्य पर आवास उपलब्ध कराना शासन की एक संवेदनशील पहल है। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त 2015 के पूर्व ऐसे परिवार जो निकाय क्षेत्र में किराएदार के रूप में रहते हैं। उनके पास 31 अगस्त 2015 के पूर्व निवासरत होने के दस्तावेज हैं। वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। हितग्राहियों को आवास लेने सुविधा प्रदान करने विभिन्न बैंकों से ऋण देने योजना के अधिकारी लगातार बैंकों से संपर्क बनाए हुए हैं।

23 तक मंगाई आपत्ति
आयुक्त डॉ.चतुर्वेदी ने बताया कि 26 दिसंबर 2022 तक जिन्होंने आवेदन किया है उन्हें इस आबंटन की प्रक्रिया एवं लॉटरी के लिए चयन किए गए परिवारों में किसी प्रकार की कोई आपत्ति है तो वे 23 जनवरी को शाम 5 बजे तक दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। योजना के अंतर्गत 1570 आवासों का आवंटन किए जाने के लिए पात्र एवं अपात्र की सूची जारी की गई है।

महापौर हेमा देशमुख ने कहा है कि छग मूल निवासी प्रमाण-पत्र के नियमों में शासन द्वारा शिथिलता प्रदान करने से अब बहुत से किराएदार परिवार जो इस नियम के कारण इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, वे भी अब अपना स्वयं के आवास का सपना साकार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आवास योजना के लिए किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर निगम के अतिरिक्त अन्य कहीं भी किसी भी प्रकार की कोई राशि जमा ना करें।

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