युक्तियुक्तकरण से शिक्षकविहीन हाई स्कूलों में लौटी रौनक, धमधा ब्लाक के विद्यालयों की बदली तस्वीर

Share this

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-2.jpeg

दुर्ग। कभी शिक्षकों के अभाव से जूझ रहे धमधा विकासखण्ड के ग्रामीण हाई स्कूलों की तस्वीर बदली है। लंबे समय तक शिक्षकविहीन रहने वाले चार शासकीय हाई स्कूलों में अब युक्तियुक्तकरण के पश्चात व्याख्याताओं की नियुक्ति कर दी गई है, जिससे विद्यालयों में फिर से शैक्षणिक गतिविधियां गति पकडेंगी।

http://durgnews.in/wp-content/uploads/2026/07/SR-Hospital-1.jpeg

धमधा विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल सिलितरा, बिरेझर, दनिया एवं पुरदा में वर्षों से स्वीकृत पदों के बावजूद एक भी व्याख्याता पदस्थ नहीं था। शिक्षकविहीन इन स्कूलों में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। विशेष रूप से विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई लगभग ठप हो चुकी थी, जिससे कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ था। हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण के तहत इन विद्यालयों में व्याख्याताओं की नवीन पदस्थापना की गई है। अब शासकीय हाई स्कूल सिलितरा, बिरेझर और दनिया में चार-चार व्याख्याता तथा शासकीय हाई स्कूल पुरदा में तीन व्याख्याता पदस्थ किए गए हैं। अब प्रत्येक विषय के लिए शिक्षक उपलब्ध हैं। अब कक्षाएं नियमित रूप से संचालित होंगी।

नए शिक्षकों के आगमन से छात्र-छात्राएं भी अब अधिक उत्साह के साथ विद्यालय में पढ़ाई करेंगे। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए उन्हें विषय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिल पाएगा। कक्षा 9वीं के छात्र रोहित साहू ने बताया, “पहले हमें सिर्फ नाम के लिए स्कूल आना पड़ता था, पढ़ाई नहीं हो पाती थी। अब हर विषय के लिए अलग-अलग शिक्षक होने से सभी विषय अच्छे से समझ में आएंगे।

शासकीय हाई स्कूल सिलितरा के प्रभारी प्रधान पाठक ने बताया “पिछले कुछ वर्षों से विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी थी। बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद जो व्याख्याता पदस्थ किए गए हैं, उनसे विद्यालय में फिर से पढ़ाई का माहौल बनेगा। अब विद्यार्थियों में स्कूल आने को लेकर उत्साह रहेगा। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में सीखने की गहरी ललक होती है। शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण के तहत की गई यह पहल ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता से अभिभावकों में भी संतोष है। ग्राम पंचायत के सरपंच ने इस बदलाव का स्वागत करते हुए शिक्षा विभाग का आभार जताया और कहा कि यह निर्णय गांव के बच्चों के भविष्य को सवारने वाला है। इसी प्रकार विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल पेन्ड्री कु. में भी शिक्षा सुधार की लहर देखी जा रही है। पहले यह विद्यालय एकल शिक्षकीय था, जहां कुल 60 बच्चों पर केवल एक ही व्याख्याता पदस्थ थे। अब युक्तियुक्तकरण के बाद वहां तीन व्याख्याता पदस्थ कर दिए गए हैं, जिससे स्कूल का वातावरण पूरी तरह से बदल गया है और बच्चों को हर विषय में मार्गदर्शन मिल पाएगा।

READ MORE  डाक्टर हत्याकांड: CBI ने शुरू की जांच, कोलकाता पहुंची विशेष चिकित्सा, फोरेंसिक टीम
Share this