लक्ष्य से 1.49 लाख क्विंटल ज्यादा खरीदी अंतिम 4 दिनों में 1537 किसान बेचेंगे धान | Purchased 1.49 lakh quintals more than the target, 1537 farmers will sell paddy in the last 4 days

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जशपुरनगर18 घंटे पहले

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धान की इस बार बंपर खरीदी हुई है। विपणन विभाग ने खरीदी का जो लक्ष्य रखा था, उससे 1.49 लाख क्विंटल अधिक खरीदी अबतक हो चुकी है। हर साल होने वाली खरीदी के आधार पर विभाग ने इस वर्ष 17.30 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था। जिसकी तुलना में अबतक 18 लाख 79 हजार 880 क्विंटल खरीदी की जा चुकी है। खरीदी के लिए अभी भी 4 दिन बाकी है। अंतिम दिन तक खरीदी के लिए भी टोकन समितियों द्वारा काटा गया है।

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जिले में इस वर्ष 24 समितियों के माध्यम से 35 खरीदी केन्द्रों में धान खरीदा जा रहा है। धान के उठाव के लिए 41 मिलरों से अनुबंध किया गया है। धान की लक्ष्य से अधिक खरीदी के पीछे सबसे बड़ी वजह समर्थन मूल्य का दाम बढ़ने और पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ने को बताया जा रहा है। हालांकि इस वर्ष दूसरे राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए जो बैरियर बनाए गए थे, उनमें कोई खास सतर्कता नहीं थी।

पर किसी भी उपार्जन केन्द्र से दूसरे राज्यों की धान को खपाने के बड़े प्रकरण सामने नहीं आए। एक नवंबर से खरीदी केन्द्र खाेले गए हैं, लेकिन जिले में खरीदी केन्द्रों में आवक दिसंबर से शुरू हुई। 15 नवंबर तक अधिकांश खरीदी केन्द्रों में बोहनी तक नहीं हो सकी थी।

इस वर्ष मानसून में देरी की वजह से जिले के 6 तहसीलों को सूखा भी घोषित किया गया था, लेकिन अगस्त महीने से जब अच्छी बारिश शुरू हुई तो उन किसानों ने भी दोबारा फसल लगा लिए, जिनकी फसल एक बार मर चुकी थी।

बीते साल की तुलना में 4 लाख 38 हजार क्विं. ज्यादा
बीते साल से यदि इस वर्ष की धान खरीदी की तुलना करें तो अबतक 4 लाख 38 हजार 32 क्विंटल अधिक खरीदी हो चुकी है। बीते साल जिले भर में 14 लाख 41 हजार 848 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। बीते साल की स्थिति में यह खरीदी सर्वाधिक थी। इस खरीदी के अनुसार ही इस वर्ष की खरीदी का लक्ष्य 17 लाख 30 हजार क्विंटल तय किया गया था।

1537 किसान अंतिम चार दिन में बेचेंगे अपना धान
खरीदी केन्द्रों में अभी भी धान बिक्री के लिए किसानों की भीड़ बनी हुई है। खरीदी के लिए अब सिर्फ चार दिन बच गए हैं। इस सप्ताह बुधवार और शुक्रवार को खरीदी होगी। इसके बाद अगले सप्ताह सोमवार और मंगलवार को अंतिम खरीदी होगी। टोकन की बात करें तो आगामी सप्ताह के लिए अबतक 1537 किसानों ने टोकन कटवाया है।

अंतरराज्यीय आवक के सिर्फ 5 प्रकरण ही बनाए

इस वर्ष दूसरे राज्यों से धान की अवैध रोकने के लिए 18 बैरियर लगे थे। शुरूआती दिनों में इन बेरियरेां में कोई ड्यूटी करता हुआ नजर नहीं आ रहा था। कार्रवाई की बात करें तो इस बार अंतरराज्यीय अवैध धान की आवक में सिर्फ 5 प्रकरण दर्ज हो पाए हैं। जिसमें 124 क्विंटल धान जब्त किया गया है। अधिकांश कार्रवाई कोचियों पर हुई है। 12 कोचियों के खिलाफ इस बार कार्रवाई हुई है। कार्रवाई में जिला प्रशासन की टीम ने सिर्फ 17 प्रकरण बनाए और 430 क्विंटल धान जब्त किया है। अवैध धान के परिवहन में 7 मालवाहक जब्त किए गए हैं।

5440 किसान बढ़े, 10991 रकबे में बढ़ोतरी
आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष धान बिक्री के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या के साथ विक्रय वाले धान उत्पादन के रकबे में भी बढ़ोत्तरी हुई। इस वर्ष 5440 नए किसानों के पंजीयन की वजह से रकबे में 10991 हेक्टेयर में बढ़ोत्तरी हुई है। बीते साल जिले में सिर्फ 32184 किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीयन कराया था। वहीं इस वर्ष पंजीकृत किसानों की संख्या 37624 रही। बीते साल धान बिक्री का रकबा 62495 हेक्टेयर था।

25 लाख क्विंटल तक हो सकती थी खरीदी
“इस वर्ष पंजीकृत किसान और पंजीकृत रकबे में अच्छी बढ़ोत्तरी हाे गई है। जितने रकबे का पंजीयन हुआ है, उसके मुताबिक 25 लाख क्विंटल तक खरीदी का अनुमान थी। अवैध धान की आवक पर निगरानी इस वर्ष भी काफी तगड़ी रही। कार्रवाई भी लगातार हुई है।” – शंभु कुमार गुप्ता, जिला विपणन अधिकारी

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