
रायपुर41 मिनट पहले

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युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं रवि भगत
छत्तीसगढ़ भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत एक बार फिर से कार्यकर्ताओं की नाराजगी का शिकार बने। युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने रवि भगत के लिए अपशब्द कहे । इस बातचीत का व्हाट्सएप चैट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इससे पहले प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति की वजह से भी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा था।

कार्यकर्ताओं की तल्खी।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि रवि भगत की कार्यशैली पर पुराने कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं । वायरल चैट में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रवि भगत को युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भालू गीदड़ तक कह दिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने गाली लिख कर भी मैसेज भेजा है।
भालू कहा।
इस वजह से बवाल
यह सारा बखेड़ा हाल ही में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति की सूची की वजह से खड़ा हुआ है । पार्टी कार्यकर्ताओं की माने तो इस सूची में पुराने कार्यकर्ताओं को जगह नहीं दी गई है । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से ताल्लुक रखने वाले ज्यादातर नए युवाओं को मौका मिला है। यह पुराने लोगों को रास नहीं आ रहा । इसी वजह से आपसी खींचतान का के हालात बने हैं।
गीदड़
नेता पुत्रों का भी विरोध
4 दिन पहले सामने आई इस सूची में कुछ नेता पुत्रों को भी जगह दी गई है। जैसे छगन मूंदड़ा के बेटे आदित्य मूंदड़ा, राजीव अग्रवाल के बेटे ऋतुराज अग्रवाल और अंजय शुक्ला के बेटे को भी तवज्जो दी गई है। इस वजह से पुराने कार्यकर्ता गुस्साए हुए हैं । हालत यह है कि युवा मोर्चा के कार्यक्रमों में जैसे विरोध प्रदर्शन, साइकिल रैली जैसे आयोजनों में कम संख्या में ही लोग जुट रहे हैं।
प्रदेश पदाधिकारियों का भी हुआ था विरोध
पिछले महीने आई लिस्ट आई तो चंद मिनटों में सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया । खुलकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनुचित लोगों को अहम पद दिए का विरोध किया। खुद पार्टी के कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि निष्क्रिय लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मा दिया गया जो ठीक नहीं है।

इस लिस्ट का विरोध।
कुछ ने तो हैलीकॉप्टर लैंडिंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। 4 महीने पहले ही खुशबू बंजारे ने भाजपा ज्वाइन की है। बलौदाबाजार इलाके की रहने वाली खुशबू बंजारे इससे पहले कांग्रेस समर्थक मानी जाती रही है । अब उन्हें युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया जाना लंबे समय से युवा मोर्चा के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को खटक रहा है।
