अब एक मैसेज करें, महिला आयोग करेगा आपकी मदद, संभाग स्तरीय कार्यशाला में आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा

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भिलाई नगर, 1 मार्च। महिलाओं और बालिकाएं अपने ऊपर होने वाले उत्पीड़न अथवा शोषण को बिल्कुल न सहें और इसके विरूद्ध अविलम्ब आवाज उठाएं।‌यदि किसी कारण से वे महिला आयोग के कार्यालय नहीं आ पा रही हैं तो वे व्हाट्सएप पर मैसेज भी कर सकती हैं अथवा एक पत्र भी लिख सकती हैं। आयोग इन्हें संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्यवाही करेगा। महिला आयोग अध्यक्ष ने बीआईटी के सभागार की कार्यशाला में यह बात कहीं। उन्होंने बताया कि महिला आयोग के कॉल सेंटर नम्बर 9098382225 पर यह मैसेज भेजा जा सकता है अथवा कॉल कर अपनी समस्या बताई जा सकती है।
आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि विगत दो सालों में दुर्ग संभाग अंतर्गत कुल 16 सुनवाई में 322 प्रकरणों में से कुल 133 प्रकरणों की सुनवाई की जा चुकी है। इस प्रकार पीड़ित महिलाओं को बड़ी राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि महतारी न्याय रथ के माध्यम से आयोग द्वारा महिलाओं को उनके हितों के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं को हमेशा अन्याय का प्रतिरोध करना चाहिए। इससे उनकी स्वतंत्रता और बढ़ेगी तथा कार्यक्षेत्र में निश्चिंत होकर कार्य कर सकेगी। कार्यशाला को विधायक श्री अरूण वोरा ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर महिला आयोग महती भूमिका निभा रहा है, ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ती है। आयोग द्वारा जो पहल बीते वर्षो में की गई है यह पहल महिला सुरक्षा के लिए नींव का पत्थर साबित हुई है। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुनंदा ढेंगे ने अपराध साक्ष्य संकलन व सुरक्षा के साथ उपस्थित प्रतिभागियों को इस विषय पर प्रकाश डालते हुए पुलिस वालों को महिला अपराध विवेचना संबंधी तथ्यों पर बारीकी से जानकारी दी, साथ ही अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक सुश्री शमीम रहमान ने लैंगिक उत्पीड़न व शोषण विषय पर सभी को जागरूक किये हैं। इस मौके पर आयोग के सदस्य डॉ. अनिता रावटे, रिसाली महापौर, श्रीमती शशि सिन्हा एवं अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद थे।


वूमन एप अभिव्यक्ति की दी जानकारी- कार्यक्रम के वक्ता सुजाता दास ने कार्यशाला बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने महिला सुरक्षा के लिए वूमन एप अभिव्यक्ति लांच की है। इसे सभी महिलाओं को अपने मोबाईल में इंस्टॉल करना चाहिए। इस एप में एसओएस का बटन दबाते ही यूजर के पास तुरंत पुलिस सहायता पहुंच जाती है। महिला सुरक्षा के लिए यह एप वरदान साबित हुआ है। इस एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
विदेश जाने का कोई आफर दें तो रखे विशेष ध्यान- कार्यशाला में कबीरधाम जिले की एडिशनल एसपी श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे ने महिला सुरक्षा की चुनौतियों से संबंधित पक्षों से प्रतिभागियों को आगाह किया। प्रतिभागियों को बताया गया कि कभी-कभी प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से विदेश जाने अथवा दूसरे राज्यों में काम के लिए जाने के लिए प्रस्ताव महिलाओं के पास आते हैं। इनमें से कुछ प्लेसमेंट एजेंसियां फर्जी होती हैं और इनके पीछे उद्देश्य मानव तस्करी होता है। अतःएव स्थानीय प्रशासन से जानकारी लेकर वैध प्लेसमेंट संस्थाओं से ही संपर्क करें, ताकि मानव तस्करी से बचा जा सके।
वीडियोकॉल आदि के लिए रहे सतर्क- कार्यक्रम के वक्ता जावेद हुसैन साइबर सिक्योरेटी से संबंधित अपराधों से संबंधित बारीकियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि मोबाईल के उपयोग के दौरान साइबर अपराधों की जानकारी नही होने पर न केवल निजी जानकारी के लीक होने का खतरा रहता है, अपितु आर्थिक धोखा धड़ी होने की भी आशंका बनी रहती है। ऐसे कोई एप डाउनलोड न करे जिसकी विश्वसनीयता के बारे में संदेह हो अथवा आपको ऐसा लगता है कि एप के माध्यम से आपकी निजी जानकारियां जुटाई जा रही है, जिससे आपकों सामाजिक एवं आर्थिक नुकसान होने की आशंका बनती है, तो ऐसा एप कतई डाउनलोड न करें। कभी-कभी आपसे अज्ञात लोगों के द्वारा लिंक शेयर करने कहा जाता है कभी ऐसा न करें।

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