

भिलाई नगर, 13 अप्रैल। पं. सुन्दर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर के प्रथम बार मूल्यांकन व प्रत्यायन हेतु नेक के विशेषज्ञों के दल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, क्षेत्रीय व अध्ययन केन्द्रों का 11 से 13 अप्रैल तक निरिक्षण किया। इस त्रि-दिवसीय मूल्यांकन के अंतर्गत निरीक्षण दल के सदस्य के रूप में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर के प्रोफेसर डॉ. हेमा सुन्दर नायडू गोनुगुंटा तथा चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय मेरठ के प्रोफेसर डॉ. विजय जायसवाल क्षेत्रीय केन्द्र दुर्ग पहुँचे। उन्होंने नेहरूनगर स्थित क्षेत्रीय केन्द्र एवं शासकीय वीवायटी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग तथा मनसा शिक्षा महाविद्यालय कुरूद में स्थापित अध्ययन केन्द्रों का निरिक्षण किया।


क्षेत्रीय केन्द्र की ओर से डॉ. आरएन सिंह ने दल का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय केन्द्र की उपलब्धियों के विषय में संक्षेप में अवगत कराया। डॉ. डीएन शर्मा ने पावर पाइन्ट प्रेजेन्टेशन द्वारा क्षेत्रीय केन्द्र की भूमिका, संरचना, गतिविधियों एवं गत पाँच वर्षों की प्रगति से निरिक्षण दल के समक्ष विवरण विस्तार से प्रस्तुत किया। दल के सदस्यों ने विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक व अकादमिक जानकारी ली एवं उपलब्ध सुविधाओं व दस्तावेजों के रखरखाव व अभिलेखों का गहनता से अवलोकन किया। गत पांच वर्षो में क्षेत्रीय केन्द्र के क्षेत्र के मेरिट सूची में आए 311 शिक्षार्थियों (मेरिट में प्रथम स्थान अर्जित करने वाले 30 शिक्षार्थियों सहित) की उल्लेखनीय संख्या पर प्रसन्नता व्यक्त करते इन शिक्षार्थियों की ट्रेकिंग करने का सुझाव भी दल के सदस्यों ने दिया।
शासकीय वीवायटी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में प्राचार्य डॉ. आरएन सिंह ने पावर पाइन्ट प्रेजेन्टेशन द्वारा अध्ययन केन्द्र के पांच वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और मुक्त विद्यालय के दुर्ग जिले के अंतर्गत पंजीकृत विज्ञान संकाय के शिक्षाथियों के लिए आयोजित परामर्श-संपर्क कक्षाओं का विवरण प्रस्तुत किया। दल के सदस्यों ने उपलब्ध दस्तावेजों के साथ साथ महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, प्रयोग शालाओं आदि का निरिक्षण भी किया। मनसा शिक्षा महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ.स्मिता सक्सेना ने पावरपाइन्ट प्रेजेन्टेशन द्वारा अध्ययन केन्द्र में संचालित संपर्क कार्यक्रमों, परामर्श सेवाओं तथा उपलब्ध सुविधाओं का विवरण प्रस्तुत किया। दल ने अध्ययन केंद्र में संधारित अभिलेखों, शिक्षण सहायक सामग्री आदि का सूक्ष्म अवलोकन भी किया। टीम के सदस्यों ने क्षेत्रीय केन्द्र तथा अध्ययन केन्द्रों में संपन्न गतिविधियों, अकादमिक प्रगति व दस्तावेजों के रखरखाव, उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं व सेवाओं आदि के प्रति संतोष व्यक्त किया है।

