
दुर्ग न्यूज, 13 अप्रैल। भिलाई शहर में रहने वाले लगभग सौ से अधिक लोगों ने भिलाई नगर निगम को 7 करोड़ रुपए से अधिक का चूना लगाया है। इन लोगों ने निगम को फर्जी चेक देकर अपने आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान का प्रापर्टी टैक्स तो पटा दिया लेकिन जब निगम ने चेक बैंक में लगाया तो खाते में पैसे न होने चेक बाउंस हो गया। भिलाई निगम में यह गोरख धंधा पिछले ढाई वर्षों से चला आ रहा है। भिलाई निगम अब ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी कर रहा है। फर्जी चेक के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स पटाकर निगम के साथ फ्राड करने वालों में अधिकतर लोग रसूखदार और राजनीतिक पार्टी से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं।
बुधवार को नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने ये बात निगम आयुक्त रोहित व्यास के संज्ञान में लाई तो अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। उन्होंने टैक्स से संबंधित अधिकारियों को बुलाया और पूछा तो उन्होंने भी यही बात बताई। इसके बाद निगम आयुक्त ने ऐसे सभी लोगों की लिस्ट बनाकर देने का निर्देश दिया है।
निगम आयुक्त रोहित व्यास ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसे 85 लोगों के नाम सामने आए हैं और भी लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसा करने वाले सभी लोगों के खिलाफ निगम की तरफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यदि इसमें निगम के अधिकारी कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब हो कि पिछले दो से ढाई सालों में निगम को 7 करोड़ का चूना लगने की खबर से निगम में हड़कंप मचा हुआ है। निगम आयुक्त रोहित व्यास ने इसे लेकर एक अपील तक जारी की है। उन्होंने भिलाई निगम के करदाताओं से अपील की है कि यदि कोई चेक के माध्यम से टैक्स अदा करता है तो वो अपने खातों में टैक्स की राशि का बैलेंस मेंटेन रखें। खाते में राशि कम होने से यदि चेक बाउंस होता है तो इस स्थिति में निगम ऐसे करदाता के खिलाफ एफआईआर कराएगा।
भिलाई निगम इस तरह का फ्राड करने वालों का नाम उजागर नहीं कर रहा है। निगम के मुताबिक उनके नॉलेज में ऐसे 56 मामले हैं। इसमें जोन क्रमांक 1 से 12 मामले और वैशाली नगर, मदर टेरेसा नगर, खुर्सीपार और सेक्टर क्षेत्र जोन 5 से भी दर्जनों की संख्या में मामले हैं।

