कामधेनु विवि, दुर्ग में तीन दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

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दुर्ग, 20 अप्रैल। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में गुरुवार को “Recent advances in diagnostic therapeutic and nutritional management of canine” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्यमंत्री के योजना नीति कृषि एवं ग्रामीण विकास सलाहकार प्रदीप शर्मा एवं क्षितिज चंद्राकर, प्रोफेशनल कांग्रेस छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष Indian society for advancement of canine practice के जनरल सेक्रेटरी प्रो.एके श्रीवास्तव, प्रो.नरेश एच केलावाला, कुलपति कामधेनु विश्वविद्यालय, गांधीनगर गुजरात के विशिष्ट आतिथ्य में हुआ। यह संगोष्ठी Indian society for advancement of canine practice(ISACP-2023) तथा पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदीप शर्मा, योजना नीति, कृषि एवं ग्रामीण विकास सलाहकार द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में जहां एक ओर गौवंश का महत्व है किंतु खेतों की विशेष रूप से रबी फसलों की जंगली पशुओं से सुरक्षा एक ज्वलंत समस्या है, जिसका समाधान प्रशिक्षित स्वान के माध्यम से किया जा सकता है जिसके लिए देसी नस्ल अति उपयुक्त है। इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में की गई अनुशंसाएं राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगी। इन अनुशंसा के आधार पर भविष्य में स्वान एवं अन्य पालतू पशुओं के उपचार हेतु मोबाइल यूनिट तथा अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। इस अवसर पर ISACP के अध्यक्ष प्रो.एस.प्रताबन ने संगोष्ठी में सोसाइटी द्वारा किए जा रहे समस्त कार्यकलापों की जानकारी दी।

विवि के कुलपति कर्नल (डॉ.)एनपी दक्षिणकर के मार्गदर्शन में पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा के अधिष्ठाता डॉ.एसके तिवारी एवं निदेशक शिक्षण डॉ.एसपी इंगोले के नेतृत्व में हो रही राष्ट्रीय संगोष्ठी में आयोजन सचिव तथा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.एसके तिवारी ने बताया कि इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश के लगभग 250 पशु चिकित्सकों एवं वैज्ञानिकों की सहभागिता रहेगी। अतिथियों ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत लाइवलीहुड इनक्यूबेशन सेंटर फूड जुनोसिस भवन एवं पशु उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग के मांस प्रसंस्करण प्रयोगशाला का उद्घाटन एवं नवीन कन्या छात्रावास के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ.आर.के.सोनवणे, कार्यपालन अभियंता इंजी.मोहन कोमरे, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ.जीके दत्ता, निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ.संजय शाक्य, विभागाध्यक्ष पशु उत्पाद प्रौद्योगिकी डॉ.केशब दास, लाइवली इनक्यूबेशन सेंटर के समन्वयक डॉ.धीरेंद्र भोंसले, विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी, प्राध्यापक गण, वैज्ञानिक गण एवं छात्र-छात्राओं की गरिमामय उपस्थिति रही। कुलपति कर्नल (डॉ.) एन.पी. दक्षिणकर ने बताया कि इस सम्मेलन में 8 तकनीकी सत्रों एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वान के रोगों की पहचान, रोकथाम, उपचार, पोषण प्रबंधन एवं उनके रखरखाव आदि विषयों पर चर्चा एवं जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम पशुचिकित्सा जगत से जुड़े पशुचिकित्सकों, पशुपालकों एवं पशु प्रेमियों के लिए उपयोगी व लाभदायी होगा। इस अवसर पर सोविनियर, विश्वविद्यालय बुलेटिन “कामधेनु प्रसार दर्पण”, हिंदी-छत्तीसगढ़ी अर्धवार्षिक पत्रिका “हमर पशुधन” के प्रथम अंक, विश्वविद्यालय की गतिविधियों का प्रेस संकलन press news through print and electronic media: part-II, विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किया गया Financial Account Code का विमोचन किया गया। इस अवसर पर निदेशक पंचगव्य संस्थान डॉ.के.एम.कोले, अधिष्ठाता मात्स्यिकी महाविद्यालय कवर्धा डॉ.राजू शारदा, अधिष्ठाता दुग्ध प्रौद्योगिकी रायपुर डॉ. एके त्रिपाठी, निदेशक वन्य प्राणी संस्थान डॉ.एसएल अली उपस्थित रहे।

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