
जगदलपुर11 घंटे पहले

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बस्तर के IG ने मीडिया को बयान दिया है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादियों की दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी ने पुलिस फोर्स पर ड्रोन और हेलीकॉप्टर से हमला करने का आरोप लगाया है। माओवादियों के इन आरोपों के बाद बस्तर के IG सुंदरराज पी ने इसे फोर्स को बदनाम करने की नक्सलियों की साजिश बताया है। IG ने कहा कि, बस्तर में माओवादियों की ताकत अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है। उनके पैरों से जमीन खिसक रही है। इसलिए वे बौखलाए हुए हैं।

IG सुंदरराज पी ने कहा कि, इससे पहले भी माओवादी फोर्स पर इस तरह का आरोप लगा चुके हैं। लेकिन, ये आरोपों कभी प्रूफ नहीं हो पाए हैं। IG का कहना है कि, नक्सली कमजोर होते जा रहे हैं। इसलिए अपने कैडर्स का मनोबल बनाए रखने के लिए वे तरह की बातें कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि, दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी की तरफ से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति की भी हम जांच कर रहे हैं।

नक्सलियों का प्रेस नोट।
मुठभेड़ में सारे जवान हैं सुरक्षित
बुधवार को छत्तीसगढ़-तेलंगाना राज्य की सीमा पर पुलिस नक्सली मुठभेड़ हुई है। IG ने कहा कि, इस मुठभेड़ में नक्सलियों ने फोर्स पर हमला किया था। हमने जवाबी कार्रवाई की थी। मुठभेड़ में सारे जवान सुरक्षित हैं। साथ ही नक्सलियों को कितना नुकसान हुआ है उसकी जांच की जा रही है। फोर्स अब भी लगातार सर्च ऑपरेशन कर रही है। कुछ समय के बाद स्थित स्पष्ट हो जाएगी।
नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर लगाया था आरोप
माओवादियों ने प्रेस नोट जारी कर पुलिस फोर्स पर एयर स्ट्राइक करने का आरोप लगाया है। दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव गंगा ने प्रेस नोट के माध्यम से कहा कि, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर पुलिस फोर्स ने नक्सलियों की PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) पार्टी पर हेलीकॉप्टर और ड्रोन से हवाई हमला किया है। हालांकि, इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन अंदरूनी इलाके ग्रामीण खेत में जाने से डर रहे हैं।
माओवादी लीडर गंगा ने कहा कि, हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ आए थे। उन्होंने घोषणा की थी कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले माओवादी पार्टी को जड़ से मिटा देंगे। इसी योजना के अंतर्गत ‘घेरा डालो उन्मूलन करो’ अभियान संचालित करते हुए पुलिस PLGA, क्रांतिकारी कमेटी एवं जनता का सफाया करने की योजना बना रही है। केंद्र के निर्देश के अनुसार अफसर काम कर रहे हैं। मसोवादियों का कहना है कि, बमबारी से इलाके की जनता खेत में काम करने नहीं जा पा रही है।
