
दुर्ग न्यूज़ डेस्क, 24 जनवरी। मध्यप्रदेश स्थित कूनो नेशनल पार्क से बीते 20 दिनों में दूसरी बार खुशखबरी आई है। मादा चीता ज्वाला ने 3 शावकों को जन्म दिया है। इसकी जानकारी केंद्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने मंगलवार सुबह अपने एक्स हैंडल (ट्विटर) पर पोस्ट कर दी है। बता दें कि, 20 दिन पहले ही 3 जनवरी को मादा चीता आशा ने 3 शावकों को जन्म दिया था। कूनो नेशनल पार्क से अब तक तीन बार ऐसी खुशखबरी आ चुकी है।

सबसे पहले 27 मार्च 2023 को मादा चीता ज्वाला ने 4 शावकों को जन्म दिया था। जिनमें से केवल एक ही जीवित बचा। केन्द्रीय मंत्री वन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “नामीबियाई चीता आशा द्वारा शावकों को जन्म देने के कुछ ही सप्ताह बाद यह खुशखबरी आई है। देशभर के वन्यजीव अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं और वन्यजीव प्रेमियों को बधाई।”

भारत में इसी तरह से वन्य जीवन फले-फूले। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने भी ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि कूनो में नए मेहमानों का स्वागत है। नामीबियाई चीता ज्वाला ने तीन शावकों को जन्म दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से भारत में चीता की सुखद वापसी हुई है, जिसमें मध्यप्रदेश चीता स्टेट बना। नए मेहमानों के लिए मध्यप्रदेश वासी हर्षित और आनंदित हैं।
चीतों की संख्या हुई 20
वन अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि नामीबिया की एक चीता ने कूनो नेशनल पार्क (KNP) में तीन शावकों को जन्म दिया है। चीता ज्वाला (Cheetah Jwala) दूसरी बार मां बनी है। मार्च 2023 में उसने चार शावकों को जन्म दिया, लेकिन केवल एक ही जीवित बचा। पिछले महीने नामीबिया की एक और चीता आशा ने 3 शावकों को जन्म दिया था। कूनो नेशनल पार्क में अब 7 शावक और 13 वयस्क चीते हैं।
प्रोजेक्ट चीता
बता दें कि, ज्वाला, आशा और सियाया वे चीता हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया से भारत लाया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य स्वतंत्र भारत में विलुप्त हुई एकमात्र बड़ी मांसाहारी प्रजाति में वृद्धि करना है। गौरतलब है कि भारत में सितंबर 2022 को आठ चीतों का पहला बैच लाया गया था। पिछले साल फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों का दूसरा बैच लाया गया था।
