मुर्गा खाने की लालच में पिंजरे में आ फँसा छत्तीसगढ़ का आदमखोर तेंदुआ

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महीने भर दहशत में जी रहे थे लोग
दुर्ग न्यूज, 18 जनवरी। छत्तीसगढ़ में 3 व्यक्तियों सहित अनेक मवेशियों को मौत के घाट उतारने वाला खूंखार तेंदुआ 38 दिन की मशक्कत के बाद आखिरकार पकड़ लिया गया है। मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में आदमखोर तेंदुए को पकड़ने में सफलता मिली है। उसे पिंजरे में बंद कर बिलासपुर लाया गया है। इस दौरान तेंदुआ को देखने मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी रही।
इस आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम नौड़िया में मुर्गा बांध कर पिंजरे के अंदर रखा गया था। मुर्गे के लालच में कल रात तेंदुआ पिंजरे में घुसा और फंस गया। तेंदुए के पिंजरे में फंसते ही वन विभाग और लोगों ने राहत की सांस ली। ये तेंदुआ अब तक 3 लोगों और कई मवेशियों की जान ले चुका है फिलहाल उसे कानन पेंडारी बिलासपुर में रखा गया है।
गौरतलब हो कि मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला का जनकपुर क्षेत्र तेंदुए के आतंक से परेशान था। यहां एक महीने में तेंदुए ने चौथी बार किसी शख्स पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई थी। वो खेत में काम कर रहा था, उसी दौरान तेंदुए ने हमला किया और भाग गया। लगातार तेंदुए के हमले के कारण लोग काफी दहशत में थे। जिले में एक महीने के अंदर तेंदुए के हमले से ये तीसरी मौत थी। रविवार शाम को जनकपुर निवासी रनबदन अपने खेत में फसल की रखवाली कर रहा था, उसी वक्त अचानक से तेंदुआ पहुंच गया और उसने अधेड़ पर हमला कर दिया। घटना का पता तब चला, जब कुछ ग्रामीण उस खेत के पास पहुंचे थे। वहां रनबदन का शव पड़ा हुआ था। इसके बाद वन विभाग को इस बात की सूचना दी गई थी। खबर मिलते ही मौके पर वन विभाग की टीम पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। यह तेंदुआ वन विभाग के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था। उसे पकड़ने की कोशिश लगातार नाकाम साबित हो रही थी। वन विभाग ने तेंदुए के मूवमेंट पर नजर बनाकर रखी थी। तेंदुए को फंसाने के लिए ग्राम नौड़िया में मुर्गा बांधकर पिंजरे में रखा गया ताकि उसे खाने के लिए तेंदुआ आए और फंस जाए। वन विभाग की ये कोशिश कामयाब रही। मंगलवार की रात तेंदुआ एक बार फिर शिकार करने के लिए गांव में घुसा और मुर्गे को देखकर उसे खाने के लिए आगे बढ़ा, जैसे ही वो पिंजरे में घुसा, उसमें फंस गया।

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