7 साल की उम्र में शुरू किया था परफॉर्म करना, 30 करोड़ बार देखे जा चुके हैं इनके गाने | Singer Nitin Dubey of Chhattisgarh got Kelo dharohar samman

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रायपुर41 मिनट पहले

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कला एवं सांस्कृतिक विरासत की नगरी रायगढ़ रही है। इस शहर के सिंगर नितिन दुबे को केलो धरोहर सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान केलो उद्धार समिति के कार्यक्रम में रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक ने सिंगर नितिन दुबे को दिया। केलो रायगढ़ की प्रसिद्ध नदि का नाम है। पहली बार “केलो महोत्सव” नाम के कार्यक्रम में नितिन दुबे को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी तादाद में श्रद्धालु केलो महाआरती में शामिल हुए।

कार्यक्रम में नितिन दुबे ने खुद का लिखा और संगीतबद्ध किया गया गीत “जय होवय केलो महतारी दाई मोर, निर्मल बहे तोर धार दाई मोर, आरती गावय संसार” सॉन्ग परफॉर्म किया। स्थानीय लोगों के आग्रह पर नितिन जल्द ही इस सॉन्ग का वीडियो भी लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं।

3 जुलाई 1981 को रायगढ़ छत्तीसगढ़ में जन्मे नितिन दुबे महज 7 साल की उम्र से स्टेज परफॉर्मेंस दे रहे हैं। अब फिल्मांे के लिए गाते हैं, इनके सिंगल वीडियोज भी पसंद किए गए हैं। 300 मिलियन यानी करीब 30 करोड़ व्यूज इनके गानों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में मिल चुके हैं। इसी के साथ नितिन छत्तीसगढ़ में सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले इंडिपेन्ट आर्टिस्ट हैं।

3 दशक से ज़्यादा समय से वो स्टेज परफॉर्मेंस देते आ रहे हैं,और 2001 में उन्होंने अपना पहला गीत “मनमोहिनी हे गांव के गोरिया” गाया था और तब से लेकर अब तक पिछले 2 दशक से दर्जनों गाने हिट हो चुके हैं। 7.5 लाख से ज्यादा यूट्यूब पर इनके सब्सक्राइबर्स हैं। “रायगढ़ वाला राजा”, “चँदा रे”, “हाय मोर चाँदनी”, “का तैं रूप निखारे चंदैनी”,”हाय रे मोर कोचईपान”, “हाय रे मोर मुनगाकाड़ी”,”गुलमोहर”,”दिल दे दे दुरुगवाली”,”हाय रे मोर नीलपरी” जैसे इनके कई सुपरहिट गीत हैं जो आज हर युवा की जुबां पर है।

नितिन ने छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी प्लेबैक किया है और संगीत दिया है। 2022 में रिलिज़ फ़िल्म “मिस्टर मजनू” में नितिन ने गायन के साथ साथ संगीत भी दिया और छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े फ़िल्म निर्देशक सतीश जैन की सुपरहिट फिल्म “चल हट कोन्हों देख लिहि” में भी गीत गाए।

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