इंद्रावती नदी किनारे ग्रामीणों ने निकाली रैली, बोले- जब तक नहीं रुकेगा काम, तब तक आंदोलन करेंगे | Hundreds of villagers took out a rally on the banks of the Indravati river, said – will continue in the movement until the work stops

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बीजापुर9 घंटे पहले

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गांव वालों ने रैली निकाली।

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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी पर पुल निर्माण का काम चल रहा है। इस पुल निर्माण काम का विरोध करने नदी पार के 11 से ज्यादा गांव के ग्रामीण राशन, बर्तन लेकर फुंडरी गांव में इकट्ठा हुए हैं। 7 सूत्रीय मांगों को लेकर गांव वालों का प्रदर्शन जारी है। ऐसा बताया जा रहा है कि, करीब 11 गांव पूरा खाली हो गया है। भारी संख्या में महिला, पुरुष, समेत बच्चे भी विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे हुए हैं। सैकड़ों ग्रामीणों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया है।

दरअसल, पुल का विरोध करने के लिए ताकिलोड, रेकावाया, उसपरी, बेलनार समेत अन्य गांव के ग्रामीण अपना घर छोड़कर नदी किनारे इकट्ठा हुए हैं। पिछले सप्ताहभर से फुंडरी में आंदोलन में बैठे हुए हैं। ग्रामीण अपने साथ राशन, बर्तन लेकर आए हैं। हालांकि,स्कूल, अस्पताल बनाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि, ग्रामीण हर दिन रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गांव छोड़कर आते और रैली निकालते ग्रामीणों का एक वीडियो भी सामने आया है।

ये है गांव वालों की मांग

  • पेसा नियम 2022 को रद्द किया जाए।
  • सरकारी और गैर सरकारी नौकरी में 32% आरक्षण आदिवासियों को मिले।
  • नदी पर पुल, सड़क, पुलिस कैंप स्थापित न हों।
  • स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी समेत पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराएं।
  • आदिवासी इलाकों में बिना ग्राम सभा किए कोई भी कार्य न किए जाएं।
  • वन संरक्षण अधिनियम 2022 को रद्द किया जाए।
  • गांवो में ड्रोन से हमला बंद किया जाए।
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सालभर से जारी है विरोध, घर लौटने के बाद फिर से आए

इंद्रावती नदी पार के ग्रामीणों का कहना है कि, सैकड़ों ग्रामीण पुल निर्माण के विरोध में मार्च 2022 से आंदोलन कर रहे हैं। 26 मार्च 2022 को आंदोलन पर बैठे ग्रामीणों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। पुलिस की इस कार्रवाई से करीब 50 से ज्यादा ग्रामीण घायल हुए थे। वहीं इस आंदोलन में शामिल करीब 7 से 8 ग्रामीणों को झूठे केस में फंसा कर जेल में डाल दिया गया है। पहले गांव वाले घर लौट गए थे। लेकिन अब फिर से वे आंदोलन में उतर गए हैं।

पुल से बढ़ेगी मुश्किलें – ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि, यदि इंद्रावती नदी पर पुल बनता है तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएगी। फोर्स गांव में घुसेगी। इलाके के ग्रामीणों को परेशान करेगी। झूठे नक्सल मामलों में ग्रामीणों को फंसाया जाएगा। एनकाउंटर में ग्रामीणों को मारा जाएगा। ग्रामीणों की मांग है कि इंद्रावती नदी पर पुल निर्माण का काम चल रहा है उसे फौरन रोक दिया जाए। यदि पुल निर्माण का काम नहीं रोका जाता है तो ग्रामीण इसी तरह आंदोलन में डटे रहेंगे।

पुल निर्माण होगा तो मिलेगा फायदा

दरअसल, इंद्रावती नदी पर कुल चार पुल प्रस्तावित थे। जिनमें एक दंतेवाड़ा जिले के पाहुरनार का पुल बन चुका है। जिसका उद्घाटन भी CM भूपेश बघेल ने कर दिया है। इसके अलावा बड़े करका घाट, फुंडरी समेत एक अन्य जगह पुल निर्माण का काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि, इस साल इन जगहों पर भी पुल निर्माण का काम पूरा कर लिया जाएगा। इंद्रावती नदी पर पुल ना होने की वजह से ग्रामीण लकड़ी की छोटी डोंगी से इंद्रावती नदी को पार करते थे। पुल बनने के बाद ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

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