कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा के तीन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर मिला सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार 

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दुर्ग। भारतीय पशु चिकित्सा संघ (आईवीए-डब्लूवी) की महिला पशुचिकित्सक विंग ने बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (बासु), पटना के सहयोग से प्रतिष्ठित बिहार कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती), पटना में बेस्ट एमवीएससी एवं पीएचडी थीसिस पुरस्कार समारोह-2025 का आयोजन किया गया। भारत में पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान के सभी 18 विषयों में उत्कृष्ठ शोध को सम्मानित करने वाला यह आयोजन पहला राष्ट्रीय मंच है। इस राष्ट्रीय वीमेन वेट विंग-आईवीए की पहल एवं नेतृत्व कामधेनु विश्वविद्यालय की सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.निधि रावत, अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयोजक, वीमेन वेट विंग-आईवीए द्वारा किया गया। इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रतिक्रिया मिली है और इसमें भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली, गुरू अंगद देव पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना, तमिलनाडु पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल, केरल पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय, वायनाड, छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग जैसे अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से 347 थीसिस प्रस्तुत की गई। 40 प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के एक पैनल ने 224 एमवीएससी थीसिस और 123 पीएचडी थीसिस के लिए एक कठोर और पारदर्शी समीक्षा प्रक्रिया आयोजित की, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2019 से 2024 तक प्रतिष्ठित सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कारों के लिए 67 पीएचडी और 78 एमवीएससी थीसिस का चयन हुआ। कश्मीर से केरल जैसे क्षेत्रों, यहां तक कि त्रिपुरा से असम से उत्साही भागीदारी विशेष रूप से प्रशंसनीय है और यह भारतीय पशु चिकित्सा संघ की महिला पशु चिकित्सक विंग में बढ़ते विश्वास और भरोसे का एक मजबूत प्रमाण है। समारोह में कई एमवीएससी महिला पुरस्कार विजेताओं को पशु स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाने के क्षेत्र में उनके प्रभावशाली योगदान के लिए मान्यता दी गई। इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ.आनंद कुमार ने इस साल ही नहीं, बल्कि भविष्य के संस्करणों के लिए भी पुरस्कारों को प्रायोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है।

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छत्तीसगढ़ से दाऊ श्री वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय की ओर से सर्वश्रेष्ठ पीएचडी थीसिस पुरस्कार डॉ.पूर्णिमा गोमास्ता (पशु चिकित्सा पैथोलॉजी-2021) ने प्राप्त किया। इसी तरह, सर्वश्रेष्ठ एमवीएससी थीसिस पुरस्कार प्राप्तकर्त्ताओं में डॉ.प्रियल तिवारी (पशु उत्पाद प्रौद्योगिकी-2024) और डॉ.कावेरी एम. जम्बागी (पशु चिकित्सा मेडिसीन-2020) शामिल हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.आरआरबी सिंह और अधिष्ठाता डॉ.संजय शाक्य ने सभी पुरस्कार विजेताओं और उनके मार्गदर्शकों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

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