स्वास्थ्य अमला पहुंचा पीलियां प्रभावित वार्ड सेक्टर 7, स्थिति नियंत्रण में

Share this

दुर्ग। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी एवं जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे के मार्गदर्शन में वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर गुरुवार को प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला भिलाई डॉ. पियाम सिंग व जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट श्रीमती रितिका सोनवानी, सुपरवाइजर विजय सेजुले, बीईटीओ हितेन्द्र कोसरे, स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया।

प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा 95 घरों का भ्रमण किया गया जिसमें 4 पीलिया से ग्रसित मरीज मिले। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग, दुर्ग द्वारा आम जनता से पीलिया से बचाव के लिए सावधानी बरतने अपील की गई है। पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। पीलिया के प्रमुख लक्षण भूख न लगना, पेशाब पीला होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना।

क्या करें

इस तरह के लक्षण होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार हेतु जाएं। पीने के पानी को 20 मिनट तक उबालकर ठंडा कर पीयें। 20 लीटर पीने के पानी में के क्लोरिन गोली पीस कर डालें, एवं 30 मिनट पश्चात उपयोग करें। शौच के पश्चात एवं भोजन के पहले हाथ साबुन से धोएं। खुले में रखी, बासी व सड़ी गली खाद्य सामग्री का सेवन न करें।

READ MORE  पितृ पक्ष का भोजन खाकर बीमार हुए 72 ग्रामीण, 2 बच्चों की हालत गंभीर, गांव में लगाया कैम्प

क्या न करें

चिकित्सक से परामर्श लिये बिना हर्बल दवाईयों से बचें। धूम्रपान व शराब के सेवन से बचे। बिना उबाले दूध व पानी का सेवन न करें। फलों व सब्जियों के रस से बचें। कच्चे व अधपके मांस, मटन, अण्डे व मछली का सेवन न करें।

Share this