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- Award Return In Chhattisgarh: While Being PCC President, Bhupesh Baghel Had Given Krishak Samman, Farmer Leader Rupan Chandrakar Will Return It, Alleging Breach Of Promise
रायपुर35 मिनट पहले

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कांग्रेस की ओर से दिये गये सम्मान के स्मृति चिन्ह के साथ रूपन चंद्राकर।
छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में अगले महीने कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन है। इससे पहले नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति ने संगठन और सरकार को बेचैन करने वाला दांव खेल दिया है। समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने संयुक्त मध्य प्रदेश के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल के नाम से उनको दिया गया कृषक सम्मान वापस करने की घोषणा की है। यह सम्मान रायपुर शहर एवं जिला कांग्रेस समिति की ओर से तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने 2015 में दिया था।

गणतंत्र दिवस पर नवा रायपुर क्षेत्र के आंदोलनकारी किसानों ने विरोध का एक नया मोर्चा खोल दिया है। कयाबांधा स्थित अपने धरना स्थल पर आयोजित सभा में किसान नेता रूपन चंद्राकर ने कांग्रेस की ओर से दिया गया कृषक सम्मान वापस करने की घोषणा की। उनका कहना था, यह सम्मान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और हरित क्रांति के उन्नायक पंडित श्यामाचरण शुक्ला की जयंती के अवसर पर कांग्रेस पार्टी की ओर से दिया गया था। उस समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे और उन्होंने ही यह सम्मान उन्हें प्रदान किया था।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसानों के भूमि अधिग्रहण पर किसानों का न्याय नहीं करने पर मैं उन्हें यह सम्मान वापस करना चाहता हूं। रूपन चंद्राकर ने कहा, जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो वह हमारे आंदोलन के साथ खड़ी थी। उनके सभी शीर्ष नेताओं को यहां की एक-एक समस्या पता है। सरकार में आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व भी यहां के किसानों से किया गया वादा भूल गया है। ऐसे मेें उनसे मिले सम्मान को रखने का कोई मतलब नहीं बन रहा है। वे एक-दो दिनों में प्रतिनिधिमंडल के साथ राजीव भवन जाकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को यह सम्मान वापस करुंगा।

पंडित श्यामाचरण शुक्ला की जयंती पर यह सम्मान 2015 में दिया गया था।
नाराजगी की यह वजह बताई
- अगर मुख्यमंत्री ने किसान को सम्मानित किया है तो इतने सालों से यहां जो किसान आंदोलनरत हैं, उनकी समस्या का समाधान क्याें नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री खुद इन किसानों से वार्ता कर समस्या का समाधान नहीं करना चाहते।
- नवा रायपुर परियोजना से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री और कांग्रेस कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
- वास्तविक कब्जा के आधार पर आवासीय पट्टा, चार गुना मुआवजा, पुनर्वास नीति का पालन करने का आश्वासन तो दिया जा रहा है, लेकिन उसपर अमल नहीं किया जा रहा है।
राहुल गांधी तक पहुंचा चुके हैं अपनी बात
किसान नेता रूपन चंद्राकर ने बताया, राहुल गांधी अपनी हर सभा में यूपीए सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून की बात करते हैं। उसमें प्रावधानित चार गुना मुआवजे की बात होती है, लेकिन उनकी पार्टी की सरकार नवा रायपुर में यही मुआवजा देने को तैयार नहीं हो रही है। पिछले दिनों उन्होंने राहुल गांधी से भारत जोड़ो यात्रा के दौरान आगर-मालवा में मुलाकात की थी। वहां उनको सारे दस्तावेज, आंदोलन में शामिल कांग्रेस नेताओं के वादों की फुटेज और बयानों की प्रतियां देकर आये हैं। हरियाणा में यात्रा के दौरान राकेश टिकैत ने भी राहुल गांधी से मुलाकात कर यह बात उठाई है।
