अंधविश्वास व सामाजिक विषमताओं पर नाचा के माध्यम से “चोट”

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त्रिवेणी परिसर में आदिवासी लोककला अकादमी के नाचा समारोह का दूसरा दिन

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राजनांदगांव 15 फरवरी। आदिवासी लोककला अकादमी रायपुर, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की ओर से तीन दिवसीय नाचा समारोह के दूसरे दिन अंधविश्वास, सामाजिक विषमताओं और कर्ज के जंजाल जैसी बुराइयों पर नाचा के माध्यम से चोट की गई। दर्शकों को गुदगुदाने वाले संवादों के बीच गंभीर विषयों पर विभिन्न पात्रों के माध्यम से संदेश दिया गया। जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।

बुधवार की शाम रानीसागर ताल से लगे त्रिवेणी परिसर स्थित मंच पर नाचा के कलाकारों ने जब अपनी मंचीय प्रस्तुति शुरू की तो दर्शक हंस-हंस कर लोटपोट हो गए। इसके बावजूद नाटकों में छिपे गंभीर संदेश को भी दर्शकों ने आत्मसात किया।
यहां इंदामरा राजनांदगांव के श्याम सुरवानी के समूह ने प्रहसन ‘शंकर भगवान’ की प्रस्तुति दी। जिसमें मानसिक विकलांग भाई की आड़ में पूरा परिवार आम जनता को मूर्ख बनाते हुए अपनी कमाई करता है। इस नाटक के माध्यम से अंधविश्वास और कुरीति के खिलाफ जागरुकता लाने का प्रयास किया गया।
छत्तीसगढ़ी गवइहां लोक नाट्य संस्था मोंहदी पोस्ट बिजेतला राजनांदगांव छत्तीसगढ़ के संचालक परमेश्वर साहू ने ‘अलकरहा समय’ की प्रस्तुति दी। जिसमें गांव के साधारण गरीब परिवार के मुखिया गिरधारी के माध्यम से सामाजिक विषमताओं पर चोट की गई। इस प्रहसन में कर्ज के बोझ तले दबा गिरधारी गांव से जमीदार कर्ज लेता है और इस जाल में फंसता जाता है। यहां तक कि आत्महत्या पर उतारु हो जाता है। इस बीच उसे एक पात्र उसे आत्महत्या से रोकता है और जीवन मूल्यों को समझाता है।
छत्तीसगढ़ी जय हिंद नाच पार्टी जग जागरण नवयुवक मंडल सुशील कुमार लोधी (मैनेजर) और राम सिंह साहू (संचालक) ग्राम सेतवा कटोरी गंडई सहसपुर लोहारा जिला राजनांदगांव कबीरधाम ने यहां ‘गरीबदास अमीरचंद गौंटिया’ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक के माध्यम से अमीरी गरीबी के बीच की खाई पर चोट की गई।
आखिरी दिन पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर बनेंगे ‘डाकू सुल्ताना’, दो अन्य कलाकारों की भी प्रस्तुति रहेगी। गुरुवार की शाम ध्रुव कुमार साहू पचपेड़ी धमतरी, डोमार सिंह कुंवर लाटाबोड़ बालोद और गोवर्धन यादव पुरदा करेली दुर्ग की मंचीय प्रस्तुतियां होंगी। इनमें डोमार सिंह कुंवर को इस गणतंत्र दिवस पर पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की गई है और इन दिनों वे सम्मान लेने दिल्ली जाने की तैयारियों में लगे हैं। इस बीच उनका मंचीय प्रदर्शन राजनांदगांव में होने जा रहा है। यहां डोमार सिंह कुंवर अपना प्रसिद्ध नाटक ‘डाकू सुल्ताना’ मंचित करेंगे। पिछले 45 वर्ष से उनका यह बहुचर्चित नाटक छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के ज्यादातर ग्रामीण व शहरी अंचल में मंचित हो चुका है।

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