
मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि यूनियन, अन्य पंजीकृत यूनियन एवं ऑफिसर एसो. की संयुक्त बैठक बुलाकर लिया जाए निर्णय

भिलाई,9 मार्च। कार्यकाल समाप्ति के पश्चात भी ‘सेवा’ कार्यकारिणी द्वारा कर्मियों के वेतन से बीमा राशि कटौती के अनुचित निर्णय के विरोध में सीटू प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध विभाग के माध्यम से कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) को पत्र सौंपा है। सीटू द्वारा अनुचित तरीके से गठित किए गए सेवा की तथाकथित कार्यकारिणी के निर्णय का कड़ा विरोध किया गया है। सीटू की मांग है कि तत्काल प्रभाव से इस अनुचित निर्णय को स्थगित कर अविलंब चुनी हुई मान्यता प्राप्त यूनियन, प्रतिनिधि यूनियनों, अन्य पंजीकृत यूनियनों तथा ऑफीसर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक बुलाकर इस पर निर्णय लिया जाए।
32 साल से नहीं हुआ सेवा का विधिवत चुनाव

सीटू नेता ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी कर्मियों (कर्मचारियों एवं अधिकारियों) के कल्याण के लिए स्थापित की गई संस्था स्टील एंप्लॉयइज वेलफेयर एसोसिएशन (सेवा) के संचालन हेतु 1991 के पश्चात कार्यकारिणी का कोई विधिवत चुनाव नहीं हुआ है । इसीलिए सीटू इन सारे तथ्यों को कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) के संज्ञान में लाने के लिए बाध्य है कि लंबे समय से विधिवत चुनाव न करवा कर कर्मियों के चुने हुए प्रतिनिधियों के बिना अनुचित तरीके से सेवा कार्यकारिणी गठन करने का परिणाम यह निकला कि वर्ष 2012 से सेवा कार्यकारिणी द्वारा ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं जो वित्तीय दृष्टि से अव्यवहारिक हैं।
113% की वृद्धि की गई सेवा दुर्घटना बीमा प्रीमियम राशि में
इसी कड़ी में अनुचित तरीके से गठित वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा कर्मियों के वेतन से गत वित्त वर्ष 2022-23 में ₹1078 दुर्घटना बीमा राशि कटौती का निर्णय लिया गया था। स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से सेवा कार्यकारिणी का यह निर्णय भी सार्वजनिक हुआ कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कर्मियों के वेतन से ₹2295 दुर्घटना बीमा राशि कटौती की जाएगी। इस कटौती के निर्णय से ऐसा प्रतीत होता है कि सेवा के तथाकथित कार्यकारिणी, बीमा कंपनी को लाभ पहुंचाने अथवा पिछले वर्ष संयंत्र में दुर्घटना मृत्यु पर भुगतान की गई राशि की क्षतिपूर्ति करने के लिए बीमा प्रीमियम में 113% की वृद्धि की गई है।
इन उद्देश्यों के लिए हुई थी सेवा की स्थापना
1973 में स्थापित इस संस्था का प्रारंभिक उद्देश्य सभी कर्मियों के मासिक अंशदान से निर्मित कोष से सेवा की कार्यकारिणी समिति द्वारा किसी कर्मी की मृत्यु होने पर, बीमार होने के पश्चात वेतन नहीं बनने पर, दुर्घटनाग्रस्त हो कर अपंग हो जाने पर उनके परिवार को सहायता राशि प्रदान करना तथा सेवानिवृत्त होने पर एकमुश्त राशि भुगतान करना था। कालांतर में होनहार बच्चों के लिए स्कॉलरशिप शुरू किया गया किंतु वित्तीय दृष्टि से अव्यवहार्य निर्णय लिए जाने के कारण सेवा द्वारा होनहार बच्चों के लिए शुरू किए स्कॉलरशिप योजना को बंद करना पड़ा तथा वर्तमान समय में किसी कर्मी की मृत्यु होने पर उनके परिवार को सहायता राशि देने हेतु सभी कर्मियों के वेतन से अतिरिक्त राशि की कटौती हो रही है।
