कोरबा, 27 मार्च। भारत माला प्रोजेक्ट के तहत छत्तीसगढ़ के कोरबा में नेशनल हाइवे की इकोनामिक कॉरिडोर का निर्माण जल्द शुरू होगा। इस फोरलेन सड़क निर्माण की एक खासियत यह है कि पहली बार सांपों की आवाजाही के लिए प्रत्येक 500 मीटर पर पाइप लगाए जाएंगे। साथ ही सड़क किनारे छोटे जीवों के लिए कम ऊंचाई वाले 4 फीट लंबे और 4 फीट चौड़े प्लेटफाॅर्म भी बनाए जाएंगे। भारत माला प्रोजेक्ट में इसका ड्राइंग डिजाइन भी तैयार हो गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक कोरबा के उरगा से जशपुर के पत्थलगांव के बीच 87 किलोमीटर फोरलेन सड़क का निर्माण 1955 करोड़ रुपए की लागत से होगा। हाइवे के लिए सबसे अधिक फॉरेस्ट की जमीन ली जा रही है। क्षेत्र में हाथियों के अलावा जशपुर के तपकरा क्षेत्र में सांप भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। इसे नागलोक भी कहते हैं। इस मार्ग पर कई बार सांप वाहनों के पहिए के नीचे आ जाते हैं।
ऐसे में उनकी सुरक्षा को देखते हुए हाइवे के प्रस्ताव में अंडरपास और ओवरपास बनाने के साथ पहली बार अब सांपों की आवाजाही के लिए सड़क के नीचे से पाइप लगाने और उनके लिए प्लेटफार्म को योजना में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य यही है कि बिना नुकसान के सांप सड़क के आरपार आना-जाना कर सकें। हाथियों के साथ बाकी जंगली जानवरों के लिए भी इस मार्ग पर 11 अंडर पास बनाए जाएंगे।
